समस्तीपुर/रोसड़ा :- मां सरस्वती के आशीर्वाद की कामना सिर्फ मनुष्य ही नहीं देवी-देवता और यहां तक कि दानव भी हमेशा से रखते रहे हैं। ज्ञान, कला और संगीत की देवी सरस्वती के कई ऐसे दिव्य धाम हैं, जहां दर्शन मात्र से ही बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद मिलता है। रोसड़ा के सोनूपुर गांव स्थित महंत पोखर के तट पर बना भव्य सरस्वती मंदिर संभवतः जिले का पहला माता सरस्वती का मंदिर है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय युवक नेवीगेशन ऑफिसर दीपेश कुमार झा के प्रयास से गांव में माता सरस्वती का भव्य मंदिर निर्माण करवाया गया है। गांव में मंदिर का निर्माण हो जाने के बाद खासकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं जो अन्य मंदिरों में पूजा करते हैं, उनके लिए इस मंदिर में पूजा करना काफी सुकून भरा रहेगा। मंदिर निर्माण के बाद दीपेश के इस प्रयास की सभी लोग तारिफ कर रहे हैं। नेविगेशन ऑफिसर बनने से पहले वह गांव में शिक्षक के रूप में पढ़ाया करते थे। नौकरी लगने के बाद उन्होंने गांव में माता सरस्वती के मंदिर निर्माण की शीला रखी।
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