समस्तीपुर :- समस्तीपुर पुलिस जिले में बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लाख दावे कर ले लेकिन स्थिति ठीक इसके उलट है। जिले के अंदर हुई घटनाओं के अगर आंकड़ों पर गौर करे तो वर्ष 2022 जिले के लिए अपराधिक वर्ष रहा। नये साल के आगमन के समय नये युवा पुलिस कप्तान ने जिले की कमान संभाली तो लोगों के अंदर उम्मीद जगी की जिले में अमन चैन रहेगा। लेकिन वर्ष 2022 के शुरुआती दिनों से लेकर वर्ष के अंतिम महीने तक अपराधियों ने पुलिस को नाको चने चबवा दिया है।
हत्या, लूट, डकैती, दुष्कर्म और भू-माफियाओं के आतंक से जिले में एक के बाद एक वारदाते होती रही। इसे अलावा चैन स्नैचिंग और मोबाइल छिनतई की घटनाओं में भी लगातार इजाफा हुआ। इसी वर्ष जिले के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी 1 करोड़ रुपये के ज्वैलरी लूटकांड को भी अपराधियों ने अंजाम दिया। जिला पुलिस इस कांड में अब तक एक भी सुराग नहीं ढूंढ पाई है। अपराधियों के चेहरे CCTV में साफ-साफ आने के बावजूद भी पुलिस को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है।
इस घटना की जिला पुलिस की एसआईटी के साथ-साथ एसटीएफ और सीआईडी की टीम भी दिन रात एक कर जांच में जुटी हैं, बाबजूद घटना के 10 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ढाक के तीन पात वाली स्थिति बनी हुई है। बड़ी अपराधिक घटनाओं के बाद शहरों में पुलिस की गश्ती तो दिखाई देने लगती है लेकिन समय के साथ-साथ स्थिति फिर वैसे ही सामान्य हो जाती है।
हालांकि कुछ जगहों पर पुलिस की 112 डायल वाहन खड़ी जरूर दिखाई देती है तो कुछ जगहों पर पुलिस अपनी जीप लगा हेलमेट चेक करती दिखाई देती है। अगर पुलिस की गश्ती वाहन सक्रिय रहती तो दिनदहाड़े ज्वैलरी दुकान से 1 करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण लूट का अपराधी इतने सघन इलाके से फरार नहीं होते। हालांकि इतनी बड़ी लूट की वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक ने टाइगर मोबाइल सिपाही को बाइक से गश्ती करने का आदेश दिया है।
जिला मुख्यालय में एक ही दिन में 10 घंटों के अंतराल पर दो-दो बड़ी डकैती होना और अब तक उसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाती है। भोला टॉकीज सिनेमा हॉल कारोबारी के घर डकैती और स्वर्ण व्यव्सायी से 1 करोड़ रुपये के आभूषण लूट मामले का खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।
समस्तीपुर जिले में क्राइम लगातार बढ़ रहा हैं मगर पुलिस बढ़ते क्राइम पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। चोरी और अन्य अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिले भर की पुलिस अपने थाना क्षेत्र में टीम बनाकर रात्रि गश्त करती है। पुलिस रात भर गश्त करने का दावा करती हैं। मगर रात्रि गश्त कितनी गंभीरतापूर्वक की जाती है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के चर्चित सिनेमा हॉल संचालक के घर 10 की संख्या में हथियारबंद डकैत लगभग 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य के स्वर्ण आभूषण और नगद के डकैती की वारदात को अंजाम देकर निकल जाते है और पुलिस को कानों-कान खबर तक नहीं मिलती है। छठ पूजा के दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मगरदही मुहल्ले में कई बंद घरों में बंद घरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये नकद, ज्वेलरी के साथ कीमती सामान उड़ा ले गए।
भू-माफियाओं द्वारा गोलीबारी की वारदात हो या फिर चर्चित स्वर्ण व्यवसायी हत्याकांड। मारवाड़ी बाजार फायरिंग मामला हो या फिर बाइकर्स गैंग द्वारा दर्जनों चैन स्नैचिंग की घटना। पुलिस के हाथ अधिकतर मामलों में खाली है। हालांकि छोटी-मोटी कुछ वारदातों का खुलासा पुलिस ने जरूर किया है। यहां तक की मोबाइल छिनतई की घटना को भी पुलिस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से खुलासा करती है। लेकिन बड़े मामलों में पुलिस हाथ उठाए खड़ी है, जिससे समस्तीपुर जिले में एक के बाद एक अपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अपराधी बेफिक्र होकर फरार हो जाते है। ऐसे में इन बेलगाम अपराधियों पर नकेल कसना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
शहर के अंदर एक ही दिन में हुए दो भीषण डकैती मामले को लेकर एसपी हृदय कांत का बताना है कि इस मामले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। अपराधियों की पहचान की जा चुकी है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 टीम जिले के बाहर भी छापेमारी कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
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