रेलवे में रिश्वतखोरी: CBI की समस्तीपुर समेत 5 शहरों में छापेमारी, तीन अफसर समेत 5 गिरफ्तार; 46 लाख रुपये जब्त

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सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के तीन बड़े अफसरों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। रेलवे अफसरों के अलावा कोलकाता स्थित एक निजी कंपनी से जुड़े दो अन्य शख्स भी पकड़े गए हैं। गिरफ्तार किए गए रेलवे अधिकारियों में पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य माल परिवहन प्रबंधक (सीएफटीएम) संजय कुमार के साथ समस्तीपुर के वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक (डीओएम) रूपेश कुमार और सोनपुर के वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक सचिन मिश्रा शामिल हैं।

तीनों भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के अधिकारी हैं। वहीं कोलकाता स्थित आभा एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और आभा एग्रो एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नवल लाधा और मनोज कुमार साहा को भी गिरफ्तार किया गया है। छापे के दौरान 46.50 लाख रुपये भी जब्त किए गए हैं। इनके अलावा कंपनी से जुड़े मनोज लाधा को भी रिश्वतखोरी के मामले में नामजद किया गया है। सीबीआई ने पटना, सोनपुर, हाजीपुर, समस्तीपुर और कोलकाता में छापेमारी की।

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सीबीआई के मुताबिक पूर्व मध्य रेल के इन अधिकारियों पर जोन के अधीन वेंडरों को सामान की मनमाफिक लोडिंग के लिए रैक उपलब्ध कराने का आरोप है। कोलकाता स्थित कंपनी के निदेशक और रेलवे के अफसरों के बीच इसको लेकर एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। उक्त निजी कंपनी के लिए रैक उपलब्ध कराने में सारे नियम-कानून ताक पर रख दिए जाते थे।

इसके एवज में कंपनी द्वारा रेलवे अधिकारियों को हर महीने रिश्वत के तौर पर मोटी रकम का भुगतान होता था। इस मामले में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें संजय कुमार, रूपेश कुमार और सचिन मिश्रा के अलावा कोलकाता स्थित कंपनी के निदेशक समेत तीन नामजद और अन्य अज्ञात को आरोपित बनाया गया था।

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घूस लेते पकड़े गए सीएफटीएम :

सीबीआई के मुताबिक सीएफटीएम संजय कुमार को 6 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इस दौरान रिश्वत देने वाला भी पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि कोलकाता स्थित कंपनी के निदेशक ने अपने भाई को रेलवे अधिकारियों को 23.5 लाख रुपये रिश्वत भेजने को कहा था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने पटना, सोनपुर, हाजीपुर, समस्तीपुर और कोलकाता के कुल 16 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 46.50 लाख रुपये के साथ कई दस्तावेज भी बरामद हुए। इनमें से 29 लाख रुपये कोलकाता स्थित व्यवसायी के पास से जब्त किए गए। एक एसयूवी गाड़ी में रेलवे अफसरों को रिश्वत में देने के लिए 6 लिफाफे में भी रुपये रखे हुए थे।

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दो दिनों तक चली सीबीआई की कार्रवाई :

रिश्वतखोरी के इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई दो दिनों तक जारी रही। रविवार को सीएफएमटी को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की कई टीमों ने अवैध लेनदेन से जुड़े रैकेट में शामिल लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। सोमवार तक कार्रवाई जारी रही। गिरफ्तार रेलवे अफसरों के अलावा निजी कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

कई अन्य अधिकारी आ सकते हैं जद में :

सूत्रों के मुताबिक पूर्व मध्य रेल के तीन बड़े अफसरों की गिरफ्तारी और रैक के आवंटन में गड़बड़ी के खुलासे के बाद कई अन्य अधिकारियों के भी इसके जद में आने की आशंका है। छापेमारी के दौरान एक्सयूवी गाड़ी से रेलवे के छह अफसरों को रिश्वत देने के लिए रखा लिफाफा मिला था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में कई और गिरफ्तारी हो सकती है।

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