क्राइम ब्रांच मुंबई ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बताकर बांद्रा स्थित कस्टम्स के सरकारी गेस्ट हाउस में दो दिन से रह रहा था। आरोपी की पहचान 32 वर्षीय चंद्रमोहन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है, जो बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह 2017 में दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन परीक्षा में सफल नहीं हो सका। उसके कुछ दोस्त 2022 में आईएएस और आईआरएस बन गए, जिसके बाद गांव में उस पर दबाव बढ़ा और लोगों के सवालों से बचने के लिए उसने खुद को भी आईएएस अधिकारी घोषित कर दिया।
आरोपी छुट्टियां मनाने मुंबई आया था और एक सरकारी अफसर मित्र के जरिए कस्टम्स गेस्ट हाउस में ठहरा। गश्त कर रही पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगाकर घूम रहा है।
मालाड में रोकी गई कार
कार को मालाड (पश्चिम) में रोका गया। आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और पहचान पत्र दिखाया जो संदिग्ध था। तलाशी में उसके पास से फर्जी आईडी कार्ड, दो मोबाइल, 16 विजिटिंग कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और नकदी बरामद हुई।
फरदीन सैफी नाम का शख्स चला रहा था कार
कार के ड्राइवर फरदीन सैफी ने बताया कि गाड़ी किसी कांबले नामक व्यक्ति की है और उसे सूचना दी गई थी कि एक सरकारी अधिकारी को लाना है। आरोपी ने दादर में ट्रैफिक पुलिस को भी यही फर्जी पहचान दिखाई थी। मालाड पुलिस ने बीएनएस की धारा 204, 336(2), 336(3) और 340 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को तीन जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को मुश्किलें बढ़…
बिहार के वैशाली जिले में गुरुवार को एक बड़ा निर्माणाधीन पुल हादसा सामने आया है.…
समस्तीपुर : गंगा एवं वाया नदी के जलस्तर में पिछले कुछ घंटों से मामूली गिरावट…
समस्तीपुर/पूसा : वैज्ञानिक के स्थानांतरण विवाद में पटना हाईकोर्ट ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि…
समस्तीपुर : 47 वार्डों के समस्तीपुर शहर में नगर निगम से 100 करोड़ रूपये से…
समस्तीपुर : सदर अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में बुधवार को सदर एसडीओ राकेश कुमार की अध्यक्षता…