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केरल में दो दिन का राजकीय शोक, 153 हुई मृतकों की संख्या; सैकड़ों लोग लापता

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केरल के पहाड़ी वायनाड जिले में मंगलवार को जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे तभी प्रकृति का कहर बरपा. भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में महिलाओं और बच्चों समेत 153 लोगों काल के ग्रास बन गए. त्रासदी की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बचावकर्मियों को नदियों और कीचड़ से लोगों के शरीर के अंग मिल रहे हैं. मलबे में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है. कई मकान मलबे के ढेर में दबे हैं. लोग जान बचाने के लिए बिलख रहे हैं.

घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है. राहत बचावकर्मी बड़ी मुश्किल पीड़ित लोगों तक पहुंच पा रहे हैं. वहीं मंगलवार की रात खराब मौसम के कारण राहत बचाव अभियान रोकना पड़ा. सेना चार टीमों में तलाशी अभियान चला रही है. सेना ने बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर एक अस्थायी पुल का निर्माण किया है. बुधवार यानी आज सुबह फिर से अभियान चलाया गया है.वायनाड के मुंडकाई और चूरामला में भूस्खलन वाले इलाकों में तलाशी अभियान शुरू हो गया है.

हादसे में 153 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हैं. हादसे में मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है. मंगलवार को कुछ शवों को दफनाया गया. कलेक्टर ने बताया कि 94 और लोगों की तलाश की जानी है. इस बीच स्थानीय लोगों का कहना है कि 200 लोग लापता हैं.

एक दिन पहले तक अपने मनोरम दृश्यों के लिए मशहूर मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा गांवों की अब भूस्खलन की चपेट में आने के बाद तस्वीर बदल गई है. बाढ़ के पानी में बहे वाहनों को कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों में फंसे और यहां-वहां डूबे हुए देखा जा सकता है. उफनती नदियां रिहायशी इलाकों में बह रही हैं. पहाड़ियों से लुढ़कते बड़े-बड़े पत्थर बचावकर्मियों के रास्ते में बाधा पैदा कर रहे हैं.

अस्पताल का मंजर देक कर पाषण ह्रदय के लोग भी कांप रहे थे. फर्श पर रखे शवों की कतार में रोते हुए लोग अपने प्रियजनों को खोज रहे हैं. कुछ लोग अपनों के शव देखकर सदमे में थे तो जिनके परिजन घायल हुए उन्हें देखकर राहत की सांस ली.

केरल के सीएम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की और इस आपदा पर दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को संकट से निपटने के लिए केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. पीएम ने मारे गए हर व्यक्ति के निकट परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वायनाड में 250 लोग अब तक बचा कर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाए गए हैं. बचाव और राहत के काम में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के 300 जवान तैनात किए गए हैं. उन्होंने यह बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. केरल सरकार ने वायनाड हादसे के बाद राज्य में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि राज्य सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बेहद दुखी है. राज्य में 30 और 31 जुलाई को राजकीय शोक रहेगा.

Avinash Roy

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