प्रयागराज में 40 साल से जिस माफिया अतीक का आतंक का था वह अब खत्म हो गया है। तीन दिन में अतीक के परिवार में तीन मिट्टी हो गईं। पहले अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर और फिर दो दिन बाद अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार की देर शाम हुए इस हत्याकांड ने लगभग 18 साल पुराने घटना क्रम की भी याद दिला दी। अतीक के परिवार और उसके गुर्गों के खात्मे में एक महिला का श्राप लगा है। वह महिला और कोई नहीं पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी पूजा पाल हैं।
पूजा पाल के श्राप का किस्सा उस समय का है जब 2004 में प्रयागराज से अतीक अहमद ने लोकसभा चुनाव जीता था। इसी दौरान प्रयागराज पश्चिमी की विधानसभा सीट भी खाली हो गई थी। 2005 में इस सीट पर उपचुनाव हुए तो अतीक ने अपने भाई अशरफ को मैदान में उतारा। अशरफ के सामने बसपा की टिकट से राजू पाल ने चुनाव लड़ा था।
यह वह दौर था जब पहली बार अतीक परिवार को हार का सामना करना पड़ा था। राजू पाल विधानसभा का चुनाव जीत गए। विधायक बनने के कुछ दिन बाद ही राजू पाल की शादी पूजा पाल से हो गई। एक तो विधायक ऊपर से शादी की खुशी को अतीक अहमद का परिवार पचा नहीं पा रहा था। अतीक अहमद ने राजू पाल को खत्म करने का पूरा प्लान बना लिया। अतीक ने राजू पाल की हत्या के लिए अशरफ को लगाया था।
25 जनवरी 2005 को धूमनगंज में चारों तरफ से घेरकर राजू पाल को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। राजू पाल को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियां बरसाई गई थीं। प्रयागराज में हुए इस जघन्य हत्याकांड से पूरा प्रदेश दहल गया था। पूजा पाल के हाथों की मेहंदी अभी छूटी भी नहीं थी कि उसके पति को सरेआम मार दिया गया था। शादी के नौ दिन बाद हुई राजू पाल की हत्या से गमजदा पूजा पाल ने अतीक और उसके परिवार को श्राप दे डाला। पूजा पाल का श्राप अतीक के परिवार को इतना भारी पड़ेगा ये अतीक के परिवार में किसी ने नहीं सोचा था।
पूजा पाल ने रोते हुए कहा था कि अतीक और उसके गुर्गों ने जो हाल मेरे पति का किया है, एक दिन भगवान भी उन्हें उनके कर्मों की सजा देगा और उसका अंत भी ऐसे ही होगा। लगभग 18 साल बाद कुछ ऐसा ही हुआ। तीन दिन के अंदर अतीक के परिवार का नामों निशान मिट गया। दो नाबालिग बेटे जेल में हैं। पत्नी शाइस्ता फरार है। दो दिन पहले बेटे असद का एनकाउंटर हो गया, उसके दो दिन बाद ही रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल लाते समय अतीक और अशरफ पर गोलियों की बौछार कर दी गई और चंद सेकेंड में उनकी मौत हो गई। अतीक और अशरफ की मौत पर पूजा पाल ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा है कि जो जैसा करता है वैसा ही भरता है। उन्होंने कहा, इतिहास खुद को दोहराता है और इंसान के कर्मों का फल इसी धरती पर मिलता है।
पति राजू पाल की हत्या के बाद पत्नी पूजा पाल ने उनकी विरासत को संभाला था। राजू पाल की हत्या के बाद विधानसभा की सीट खाली हो गई थी। कुछ दिन बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए थे। इस दौरान पूजा पाल ने बसपा की टिकट पर अशरफ के सामने चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं।
2007 में एक बार फिर विधानसभा के चुनाव हुए जिसमें पूजा पाल ने बसपा की टिकट से पहली बार जीत हासिल की थी। इसके बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने अपना दल से खड़े हुए अतीक अहमद को हराया। गड़ेरिया समाज से आने वाली पूजा पाल को बसपा ने जनवरी 2018 में अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया। बीच में उनके भाजपा में जाने की भी चर्चा रही। अब सपा ने उन्हें उन्नाव से प्रत्याशी बनाया है।
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