बिहार के 73 हजार से भी अधिक सरकारी विद्यालयों के पूर्ववर्ती छात्र, आम नागरिक, एनआरआई, एनजीओ या सीएसआर के माध्यम से कंपनियां गोद ले सकती हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विकसित किए जा रहे मेरा विद्यालय, मेरा स्वाभिमान पोर्टल से कोई भी पूर्व छात्र समूह, संगठन, कॉरपोरेट या एनआरआई किसी एक विद्यालय को भी गोद ले सकते हैं। तीन वर्ष, पांच वर्ष या लाइफटाइम के लिए गोद लिया जा सकता है। शिक्षा विभाग द्वारा अधिवेशन भवन में रविवार को आयोजित प्रशिक्षण-सह-चिंतन शिविर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डा. त्यागराजन एसएम ने प्रस्तुतीकरण के दौरान यह जानकारी दी।
समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की आवश्यकताओं को समझ इसे पोर्टल पर प्रदर्शित करेंगे और उनकी सहमति से ही विद्यालयों को सहयोग मिल सकेगा। मात्र सीएसआर के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुमोदन की आवश्यकता होगी। आम नागरिक भी अपने ज्ञान, कौशल, समय और संसाधन से विद्यालय के विकास में योगदान दे सकते हैं। एनआरआई डिजिटल शिक्षा, आधारभूत संरचना और वैश्विक अवसरों से विद्यालय को सशक्त बनाने में मदद कर सकते हैं। सीएसआर से कंपनियां विद्यालय के विकास को प्रभावी बना सकती हैं।
ऑनलाइन जेईई और नीट की निःशुल्क कोचिंग जल्द
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा राज्य के 146 अन्य प्लस टू मॉडल स्कूलों में ऑनलाइन जेईई और नीट की संध्याकालीन कोचिंग का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस कोचिंग के लिए समिति द्वारा मुख्यालय स्तर पर स्टूडियो का निर्माण किया जा रहा है, जिसके बाद इन 146 प्लस टू मॉडल स्कूलों में लिंक से एक्सपर्ट टीचर्स के माध्यम से विभिन्न टॉपिक पर तैयार वीडियो को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे तैयारी प्रारंभ कर सकेंगे।
ऑनलाइन शिक्षक से पढ़ सकेंगे
अध्यक्ष ने बताया कि समिति द्वारा 15 अगस्त से इंटरएक्टिव लर्निंग की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके माध्यम से राज्य के 688 मॉडल स्कूलों के कक्षा नौवीं से 12वीं के विद्यार्थी ऑनलाइन उपलब्ध शिक्षक से किसी भी समय बात कर टॉपिक समझ सकेंगे।
चयनित शिक्षकों को 211 डिग्री कॉलेज हुए आवंटित
इधर राज्य के 211 नये डिग्री कॉलेजों में चयनित संविदा शिक्षकों का रविवार की देर रात विषयवार कॉलेज आवंटित कर कर दिया गया है। सभी शिक्षकों को 10 अगस्त को संबंधित डिग्री कॉलेज में योगदान करना है। लोक भवन सचिवालय के अतिरिक्त सचिव संजय कुमार ने इस संबंध में विश्वविद्यालयों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। लोक भवन ने जारी पत्र में कहा है कि प्रत्येक कॉलेज में संबंधित विषय के लिए आवश्यक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
आवंटित शिक्षक यदि संबंधित कॉलेज में योगदान नहीं करते हैं तो उपलब्धता के आधार पर उसी विषय के आवंटित शिक्षकों में से किसी अन्य शिक्षक का पुनः आवंटन विश्वविद्यालय कर सकता है। किसी कॉलेज में किसी खास विषय के लिए शिक्षक का आवंटन नहीं हुआ है तो विश्वविद्यालय संलग्न सूची में उपलब्ध संबंधित विषय के किसी अन्य शिक्षक का उस कॉलेज में आवंटन कर सकता है। विश्वविद्यालयों से आवंटन के अनुसार आवश्यक कार्रवाई कर इसकी जानकारी राज्यपाल सचिवालय को देने को कहा गया है।
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