समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

BiharNEWS

बिहार कैबिनेट में 22 प्रस्तावों को मंजूरी, सोलर प्लांट से लेकर बेली ब्रिज और केंद्रीय विद्यालय तक पर मुहर

IMG 20260212 WA0118

बिहार सरकार ने स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का रहा।

यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य बिजली खर्च घटाने के साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस पहल को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

HOLY MISSION High School 20x10 1paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

रेस्को मॉडल पर लगेगा सोलर प्लांट

सरकार इस योजना को रेस्को मॉडल के तहत लागू करेगी। इस मॉडल में निजी एजेंसियां अपने खर्च पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी। इसके बाद सरकार इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली तय दर पर खरीदेगी। इस व्यवस्था से सरकार को शुरुआती पूंजी निवेश नहीं करना पड़ेगा।

IMG 20240904 WA0139

साथ ही निजी कंपनियां संयंत्रों का संचालन और रखरखाव भी करेंगी। इसके लिए संबंधित विभागों को बिजली खरीद समझौता करने की मंजूरी भी दी गई है।

बिजली खर्च घटेगा, हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस योजना से सरकारी भवनों का बिजली बिल काफी कम होगा। इसके साथ ही स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी यह योजना अहम भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार ने इसे हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में ऊर्जा लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी।

IMG 20250821 WA0010

कैबिनेट में कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर

मंत्रिमंडल की बैठक में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 79.84 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। डिजिटल कृषि मिशन के तहत किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे के लिए 154 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

इसके अलावा बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के गठन को भी मंजूरी मिली। कॉमफेड के तहत बल्क मिल्क कूलर और दूध जांच मशीन लगाने के लिए राज्यांश स्वीकृत किया गया।

FB ADD scaled

वहीं पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों को राज्य के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मिला बढ़ावा

कैबिनेट ने चार कॉरिडोर में आरआरटीएस की डीपीआर तैयार कराने का फैसला लिया है। विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य के लिए 126.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक पाठ्यक्रम के लिए 76 नए शिक्षकीय पद सृजित किए जाएंगे।

IMG 20260516 WA0116

इसके अलावा एम्स पटना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी मिली है।मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।