बिहार में दारोगा को आशिक मिजाजी पड़ी भारी, यौन शोषण का आरोप साबित होने पर नौकरी से बर्खास्त

बिहार पुलिस में अनुशासनहीनता और गंभीर अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सीतामढ़ी जिले में तैनाती के दौरान एक महिला को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण करने के मामले में दोषी पाए गए पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) शांति प्रकाश कुजूर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
तिरहुत क्षेत्र (मुजफ्फरपुर) के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) ने विभागीय जांच में आरोपों की सौ फीसदी पुष्टि होने के बाद 9 जून 2026 से दारोगा को सेवा से हटाने का कड़ा आदेश जारी किया है।शांति प्रकाश कुजूर वर्तमान में मुजफ्फरपुर जिला बल में पदस्थापित थे, लेकिन यह पूरा मामला उनकी सीतामढ़ी के महिंदवारा थाना में तैनाती के वक्त का है।

तीन साल तक किया यौन शोषण
आरोपी दारोगा पर महिंदवारा थाना क्षेत्र में रहने के दौरान एक महिला के साथ करीब तीन वर्षों तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगा था। जब दारोगा ने शादी से इनकार कर दिया, तब पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुपरी थाना में वर्ष 2021 में दुष्कर्म की प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था और कोर्ट में उनके विरुद्ध आरोप पत्र (चार्जशीट) भी दाखिल कर दिया गया था।

2022 से चल रही थी विभागीय जांच
दारोगा पर लगे गंभीर और आपराधिक आरोपों को देखते हुए विभाग ने 17 फरवरी 2022 को उन्हें निलंबित कर दिया था और विभागीय कार्रवाई शुरू की थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सीतामढ़ी को सौंपी गई थी। विभागीय जांच के दौरान जांच प्राधिकार ने आरोपी दारोगा को पूरी तरह दोषी पाया।

गरिमा के विपरीत था आचरण
जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) सीतामढ़ी की अनुशंसा पर तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने पूरे मामले की अंतिम समीक्षा की। बर्खास्तगी आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि नैतिक अधमता और भ्रष्ट आचरण जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त पुलिसकर्मी का महकमे में बने रहना एक अनुशासित पुलिस संगठन की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है।
पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए यह कड़ा संदेश दिया है कि महकमे में अनुशासन, जवाबदेही और आम जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए दागियों और अपराधियों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

