Bihar

सम्राट कैबिनेट की बैठक में 20 बड़े फैसले पर लगी मुहर, निकाय चुनाव में ई वोटिंग, 400 एसी बस समेत कई योजनाओं को मंजूरी

बिहार में कैबिनेट विस्तार से एक दिन पहले पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 20 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। बिहार में नगर निकाय चुनावों में अब ई वोटिंग हो सकेगी। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्य भर में 400 इलेक्ट्रॉनिक एसी बस चलाई जाएंगी। साथ ही बिहार एआई मिशन को भी सम्राट कैबिनेट से मंजूरी दी गई है। बिहार सरकार ने तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए ‘बिहार एआई मिशन’ का गठन किया है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से संचालित होगा। इससे प्रशासनिक कार्य, वित्तीय प्रबंधन, कृषि, समाज कल्याण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

नगर निकाय चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक मतदान

नगरपालिका चुनाव 2026 में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और बाहर रहने वाले मतदाताओं को सुविधा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मतदान (ई-वोटिंग) की व्यवस्था लागू की जाएगी। इस योजना पर लगभग 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एक केंद्रीय तकनीकी संस्था को दी गई है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनेगी।

400 ई बस से सुधरेगा परिवहन

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार के प्रमुख शहरों में 400 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने में होने वाले घाटे की भरपाई के लिए 517.16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पटना में 150 और मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया में 50-50 बसों का संचालन होगा। इस योजना को 12 सालों तक लागू किया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा और लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

तीन जिलों में कटाव निरोधक कार्यों को मंजूरी

राज्य कैबिनेट से बक्सर, सारण और वैशाली में कटाव निरोधक कार्यों के लिए 175 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है।

सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का बदला नाम

सीतामढ़ी में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर ‘मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल’ रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकी नवमी पर सीतामढ़ी में यह घोषणा की थी, इसे अब कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। मिथिला क्षेत्र में स्थित सीतामढ़ी को मां सीता की जन्मभूमि माना जाता है, इसलिए इसके धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

Avinash Roy

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