बिहार में काली कमाई से धन कुबेर बन बैठे भ्रष्ट अफसर और कर्मचारियों को लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा मामला किशनगंज के नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन से जुड़ा है। थानेदार अभिषेक काली कमाई से अकूत सपंत्ति बनाने अपने निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार से कम नहीं हैं। डीएसपी गौतम पर ऐक्शन के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को थानेदार अभिषेक रंजन के 5 ठिकानोंपर छापेमारी की। अपने 17 साल की पुलिस की नौकरी में इन्होंने पटना, छपरा, मुजफ्फरपुर से लेकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक अकूत संपत्तियां बनाई हैं। उनके मुजफ्फरपुर के फतेहपुर कांटी में करीब 20 करोड़ से अधिक की संपत्तियों में निवेश का पता चला है। छह-सात ट्रक खरीदकर चलाये जाने की भी सूचना है।
मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार रंजन की पोस्टिंग समस्तीपुर जिले में भी रही है। वह ताजपुर व वैनी थाने में में भी थानाध्यक्ष रहे हुए है। वहीं दलसिंहसराय में पीएसआई के रूप में ट्रेनिंग किए थे। मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले में ही उनका ससुराल भी है। ईओयू ने बताया कि अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से 115.66 फीसदी अधिक 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार को उनके पटना, छपरा और किशनगंज में पांच ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। छपरा में दो घरों, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के प्रभुनाथ नगर टाड़ी पर और भेल्दी के पैगा गांव के ठिकानों पर भी दबिश दी गई।
जांच में पता चला है कि थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन ने 2023-24 में पटना के रामकृष्णा नगर में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला आलीशान मकान बनाया। 2019 में छपरा के प्रभुनाथ नगर में 30 लाख की लागत से मकान बनाया। सारण के पैतृक गांव पैगा सदर में 50 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला मकान निर्माणाधीन है। इसके अतिरिक्त अभिषेक रंजन ने मुजफ्फरपुर के चंदवारा में भी 2015 में तीन कट्ठा जमीन की खरीद की है। अभिषेक रंजन जनवरी 2026 में अपने परिवार सहित बागडोगरा से मुंबई की हवाई यात्रा की तथा पांच दिन मुंबई के पांच सितारा होटल ताज में बिताए। ट्रिप पर आवासन, भ्रमण आदि पर खर्च हुई राशि को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अभिषेक रंजन 2009 बैच के दारोगा के रूप में पुलिस विभाग में नियुक्त हुए थे। इसके बाद पुलिस निरीक्षक पद पर उन्हें प्रमोशन मिला था। दिसंबर 2024 में किशनगंज में सदर थानाध्यक्ष के रूप में पोस्टिंग हुई थी। किशनगंज में महज 15 दिनों के भीतर लगातार दूसरी बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के सरकारी आवास पर ईओयू के द्वारा छापेमारी की गई थी। गौतम के पास भी बिहार से बंगाल तक करोड़ों की संपत्ति के सबूत मिले थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
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