Bihar

पटना में NEET छात्रा की मौत पर बोले सम्राट चौधरी- पुलिस को पूरी छूट है; कांग्रेस का प्रदर्शन

पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर बिहार में हंगामा जारी है। सोमवार को इस घटना के विरोध में बिहार कांग्रेस के नेताओं ने पटना में विरोध मार्च निकाला। बिहार कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे और उनके हाथों में तख्तियां थीं। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में न्याय की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पुलिस का रवैया शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है। कांग्रेस नेताओं ने नीट छात्रा की मौत की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है।

इधर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के डीजीपी और पटना के आईजी खुद इस केस पर नजर रख रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि घटना की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम कर रही है। पुलिस को भी इस केस में पूरी छूट दी गई है। इस केस में जो भी दोषी होंगे वो किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।

आपको बता दें कि जहानाबाद जिले की 18 वर्षीय युवती इस महीने की शुरुआत में यहां चित्रगुप्त नगर में एक निजी ‘गर्ल्स हॉस्टल’ के कमरे में बेहोश मिली थी। वह नीट की तैयारी कर रही थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मृत छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था और प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

इससे पहले बिहार का गृह विभाग भी संभाल रहे चौधरी ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा था कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। पुलिस महानिदेशक स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। उनकी मौत में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रारंभिक चिकित्सा जांच में संकेत मिला था कि छात्रा ने बड़ी संख्या में नींद की गोलियां खा ली थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘‘यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है’’।

परिजनों का पुलिस पर संगीन आरोप

परिवार के आरोप के बावजूद, पुलिस ने यह दावा किया कि चिकित्सा जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में यौन हमले का कोई संकेत नहीं मिला है। पटना पुलिस ने 13 जनवरी को एक बयान में कहा था, ‘‘ चिकित्सकों को यौन हमले के कोई संकेत नहीं मिले । उन्होंने कहा कि लड़की ने बड़ी संख्या में नींद की गोलियां खाई थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी।’’

इस बीच, मृतका के परिजनों ने रविवार को हॉस्टल के वार्डन, चिकित्सकों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मामले को दबाने का आरोप लगाया। मृतका के पिता ने बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा, ‘‘छात्रावास के वार्डन, चिकित्सक और कुछ पुलिसकर्मी की मिलीभगत हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रावास के पदाधिकारियों ने समझौते के लिए हमें पैसे की पेशकश की और पुलिसकर्मियों ने हमें मीडिया से बात न करने की धमकी दी।’’

Avinash Roy

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