बीमार हैं बोलने वालों की नीतीश ने बोलती बंद कर दी; 84 रैलियों में 11 सभाएं सड़क से

‘बीमार हैं, थक गए हैं’ जैसे बयान देने वालों की इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने दमदार चुनाव प्रचार से बोलती बंद कर दी है। उम्र और स्वास्थ्य पर उठे सवालों के बीच नीतीश कुमार ने खुद को सबसे सक्रिय स्टार प्रचारक साबित करते हुए चुनावी मैदान ताबड़तोड़ दौरा किया। उन्होंने अब तक पूरे बिहार में कुल 84 जनसभाएं की हैं, जिनमें से 11 सड़क मार्ग से और 73 हवाई मार्ग से संपन्न हुईं। सिर्फ मंच संभालने तक बात नहीं रही, बल्कि उन्होंने लगभग 1000 किलोमीटर सड़क यात्रा कर 8 विधानसभा क्षेत्रों में जनता से सीधा जनसंपर्क भी किया।
इसी क्रम में आज रोहतास के गढ़ नोखा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपार जनसमर्थन के लिए लोगों का आभार जताया और नोखा से एनडीए समर्थित जद(यू) प्रत्याशी नागेन्द्र चंद्रवंशी के पक्ष में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए राज्य की जनता एक बार फिर विकसित बिहार के संकल्प के साथ एनडीए का साथ दे रही है।

नीतीश कुमार की ताबड़तोड़ रैलियां
इससे पहले नवीनगर, औरंगाबाद में भी उनकी जनसभा हुई, जहां उन्होंने एनडीए की एकजुटता को मजबूत बताते हुए कहा कि बिहार में फिर से डबल इंजन की सरकार बनना तय है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मोदी जी और नीतीश की जोड़ी पर बिहार का भरोसा अटल है, इसी विश्वास को जीत में बदलना है।”

चैनपुर के हाटा में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश ने चैनपुर से जद(यू) उम्मीदवार मो. जमा खान और रामगढ़ से भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार सिंह के समर्थन में वोट डालने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि एनडीए की सरकार आने पर बिहार के सर्वांगीण विकास को और तेज गति मिलेगी और युवा, महिला, किसान सभी वर्गों के हित में फैसले लिए जाएंगे।

चुनाव प्रचार अंतिम पड़ाव पर
इधर चुनाव प्रचार अपने अंतिम पड़ाव पर है। दूसरे चरण का शोर रविवार शाम 6 बजे थम जाएगा। 20 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होगा। इस चरण में 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 1165 पुरुष, 136 महिलाएं और 1 थर्ड जेंडर शामिल हैं। औसतन हर बूथ पर करीब 815 मतदाता वोट डालेंगे।




