Bihar

पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को मिली जमानत, 90 दिनों में CBI नहीं दाखिल कर सकी चार्जशीट

नीट 2024 प्रश्न पत्र लीक मामले में एक बड़ा मोड़ आया है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को सिविल कोर्ट परिसर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जमानत देकर न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है. यह फैसला आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 167 के प्रावधानों के तहत लिया गया है. जिसके अनुसार गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया था.

जमानत का आधार और अदालती सुनवाई:

संजीव मुखिया की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनकी गिरफ्तारी के बाद विधि द्वारा निर्धारित 90 दिनों की अवधि बीत जाने के बावजूद सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया. अदालत में दोनों पक्ष अभियोजन और संजीव मुखिया के वकीलों की लंबी सुनवाई हुई. न्यायाधीश ने तथ्यों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करने के बाद धारा 167 के तहत जमानत देने का निर्णय सुनाया. जिससे मुखिया न्यायिक हिरासत करने का आदेश जारी किया है.

पटना से संजीव मुखिया की हुई थी गिरफ्तारी:

गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एक टीम ने कुछ महीने पहले पटना के सगुना मोर इलाका स्थित एक अपार्टमेंट से संजीव मुखिया को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उसे चार दिनों के रिमांड पर लेकर इस बड़े पैमाने के पेपर लीक घोटाले में उसकी भूमिका के बारे में गहन पूछताछ की थी.

क्या है मामला:

5 मई 2024 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा देशभर में नीट (UG) परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर गंभीर गड़बड़ियां और अनियमितताएं सामने आईं. प्रारंभिक गिरफ्तारी और पटना केस में शास्त्री नगर थाना प्रभारी अमर कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को शहर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया था. इसी के साथ शास्त्री नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था.

2024 में CBI को मिली थी जांच:

प्रारंभिक जांच के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए. इसकी जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई थी. बाद में प्रश्न पत्र लीक के पैमाने और राष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने जुलाई 2024 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी.

सीबीआई की जांच और वर्तमान स्थिति:

सीबीआई ने अब तक इस मामले में कुल 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने क्रमिक रूप से आरोप पत्र दाखिल किए हैं. 1 जुलाई 2024 को सबसे पहले शास्त्री नगर थाना द्वारा गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ प्रारंभिक आरोप पत्र दाखिल किया गया था. 19 सितंबर 2024 को 6 अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को जेल में बंद 21 आरोपियों के खिलाफ दूसरा आरोप पत्र दाखिल किया गया था. फिर 7 नवंबर 2024 को एक और आरोपी के खिलाफ तीसरा आरोप पत्र दाखिल किया गया था.

संजीव मुखिया के खिलाफ जांच जारी:

हालांकि संजीव मुखिया को जमानत मिल गई है. सीबीआई अभी भी उसके खिलाफ अपनी जांच जारी रखे हुए है और भविष्य में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की संभावना बनी हुई है. यह मामला प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

कौन है संजीव मुखिया और क्या है उस पर आरोप:

संजीव मुखिया नीट पेपर 2024 लीक घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक है. सीबीआई का आरोप है कि वह अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कई प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से नीट (UG) 2024, में प्रश्न पत्र लीक करने के मामलों में शामिल है. उस पर कई प्रश्न पत्र लीक मामलों का आरोप है. संजीव मुखिया लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए फरार चल रहा था.

Avinash Roy

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