बिहार के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार का पिटारा खोल दिया है. इसी के साथ अब बिहार में युवाओं को 1 करोड़ नौकरियां दी जायेंगी. यह लक्ष्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से तय किया गया है. बता दें कि, सीएम नीतीश कुमार ने खुद ही सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिये पोस्ट शेयर कर जानकारी दी. इतना ही नहीं, इसे लेकर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किए जाने की भी बात कही गई. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुशी भी जाहिर की.
50 लाख नौकरी देने का था लक्ष्य
एक्स अकाउंट पर सीएम नीतीश ने लिखा कि, राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमारी सोच रही है. वर्ष 2005 से 2020 के बीच राज्य में 8 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई. राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की गति को और बढ़ाने के लिए वर्ष 2020 में हमने सुशासन के कार्यक्रम सात निश्चय-2 में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया था. बाद में इसे बढ़ाकर अगस्त 2025 तक 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 38 लाख लोगों को रोजगार का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कुल 50 लाख नौकरी/रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था.
सीएम नीतीश ने जताई खुशी
आगे सीएम नीतीश ने लिखा कि, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और लगभग 39 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है और 50 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी/रोजगार देने के लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर लिया जाएगा.
1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय
सीएम नीतीश ने बड़ा ऐलान करते हुए लिखा कि, इसी क्रम में अगले पांच साल में (2025 से 2030) वर्ष 2020-25 के लक्ष्य को दोगुना करते हुए एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है. इसके लिए निजी विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में भी नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे. इसे लेकर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है.
सात निश्चय के तहत दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि, वर्तमान में सात निश्चय के तहत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. अगले पांच वर्षों में युवाओं के कौशल विकास के लिए सात निश्चय के तहत चल रहे कार्यक्रम को विस्तारित किया जाएगा. आने वाले समय में कौशल विकास हेतु एक कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिसका नाम बिहार के गौरव भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय रखा जाएगा ताकि राज्य के युवाओं को कौशल विकास की नई दिशा मिल सके.
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का पहला मुख्यमंत्री बनाकर सरकार और राजकाज को अपने…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) में चर्चा…
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव के लिए NDA की तरफ से 3…
बिहार में होली के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश…
बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल(पीएमसीएच) में धरती के भगवान पर…
ईरान युद्ध के बीच बढ़ते तेल संकट के कारण भारत एक बार फिर से रूस…