राज्य के नगर निकायों में चल रही शहरी योजनाओं में अब तेजी आएगी। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने 397 जूनियर इंजीनियरों को विभिन्न नगर निकायों, बुडको, बिहार आवास बोर्ड, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में पदस्थापित किया है।
इन अभियंताओं को शहरी इलाकों में चल रही विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को ससमय गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
पटना मेट्रो के कार्यों को गति देने के लिए भी विभाग ने 11 सिविल, जबकि चार-चार इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरों की तैनाती है। पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को इसी साल 15 अगस्त तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि 397 अभियंताओं के पदस्थापन से सम्राट अशोक भवन, प्रशासनिक भवन, जल जीवन हरियाली मिशन जैसी योजनाओं के काम में और तेजी आएगी।
बिहार सरकार के इस बड़े कदम से जल निकासी, सड़क, नाला, पेयजल आपूर्ति, भवन निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार होगा। शहरी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
इन इंजीनियरों की बहाली बिहार तकनीक सेवा आयोग द्वारा की गई है। अधिसूचना के मुताबिक इलेक्ट्रिकल शाखा से 12 जेई और मैकेनिकल शाखा से 35 जेई का पदस्थापन किया गया है। साथ ही सिविल शाखा से 350 कनीय अभियंताओं को पदस्थापित किया गया है।
सभी अभियंताओं को एक सप्ताह के अंदर नव पदस्थापित कार्यालय में शैक्षणिक योग्यता एवं आवासीय समेत अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ योगदान करने का आदेश दिया गया है।
आयोजना क्षेत्र प्राधिकार गठित, 1350 नए पद सृजित
वहीं, दूसरी ओर राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालय वाले शहरों के सुनियोजित विकास के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने आयोजना क्षेत्र प्राधिकार (प्लानिंग एरिया अथारिटी) का गठन किया है। इन आयोजना क्षेत्र प्राधिकार में 1350 नए पद सृजित किए हैं। इसमें मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, नगर निवेशक, सांख्यिकी पदाधिकारी जैसे पद शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, अगले बीस सालों की संभावित आबादी को देखते हुए शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न भूमि उपयोग (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक इत्यादि) मूलभूत सुविधाओं एवं सड़क निर्माण की योजना का विस्तृत वर्णन होगा।
राज्य के प्रमुख शहरों में टाउनशिप परियोजना लाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में प्रमण्डलीय जिला मुख्यालय एवं अन्य जिला मुख्यालय के आधार पर वर्गीकृत करते हुए पदों की स्वीकृति दी गई है।
प्रमण्डलीय स्तर के नौ जिला मुख्यालय वाले आयोजना प्राधिकार में प्रति आयोजना प्राधिकार के लिए 39 पद, जबकि अन्य 29 जिला मुख्यालय वाले आयोजना प्राधिकार में प्रति आयोजना प्राधिकार के लिए 34 पद स्वीकृत किए गए हैं।
पटना महानगर क्षेत्र प्राधिकार के लिए सहायक नगर योजना पर्यवेक्षक के नौ पदों और उप नगर योजना पर्यवेक्षक के चार पदों की स्वीकृति दी गई है। इस तरह कुल 1350 पद सृजित किए गए हैं।
प्रशासनिक, योजना, वास्तु, इंजीनियरिंग, रियल एस्टेट, लेखा आदि कार्यों के आधार पर किया गया है। विभागीय मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि नए पद सृजन के बाद आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के कार्यों में तेजी आएगी।
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली 2014 के तहत इन पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा जीआईएस विशेषज्ञ, आईटी मैनेजर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, मल्टी टास्किंग स्टाफ की सेवा बेल्ट्रान या विभाग की ओर से निर्धारित एजेंसी के जरिए ली जाएगी। जिला के अधीन सभी आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के कार्यों का निपटारा संबंधित जिला आयोजना क्षेत्र के जरिए ही होगा।
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