अब बिहार की राजधानी पटना में स्थित पीएमसीएच में करप्शन को लेकर केस दर्ज करवाया गया है। दरअस पीएमसीएच के चतुर्थवर्गीय कर्मियों की सेवापुस्तिका में दर्ज उनकी उम्र में फेरबदल कर दिया गया। नौकरी में ज्यादा दिनों तक बने रहने को लेकर यह पूरा खेल खेला गया।
बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में हुए इस काले कारनामे की पोल काफी दिनों पहले ही खुल चुकी थी। लेकिन, आंतरिक जांच के बाद बीते तीन दिसंबर को पीएमसीएच के अधीक्षक आईएस ठाकुर ने पीरबहोर थाने में इस गड़बड़ी को लेकर केस दर्ज करवाया।
एफआईआर में पांच में तीन सेवानिवृत्त लिपिक अनिल कुमार (सरस्वती टावर, कुसुमपुरम, दानापुर), विजय प्रकाश, प्रमोद कुमार सिंह (संतकबीर नगर, हाजीपुर), तत्कालीन लिपिक एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर धीरज कुमार और अखिलेश कुमार (परमेश्वर दयाल लेन, महेंद्रू) का नाम शामिल हैं।
आरोप है कि वर्ष 2013 से 2023 तक ये लिपिक कार्यरत थे। शक है कि इन्हीं में से किसी ने पीएमसीएच के चतुर्थवर्गीय कर्मियों की सेवापुस्तिका में दर्ज उनकी उम्र में हेरफेर किया है।
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