बिहार में इन दिनों टीचर के ट्रांसफर की प्रक्रिया जारी है। सूबे के अलग सभी जिलों में काम कर रहे टीचर लगातार अपने ट्रांसफर को लेकर ऑनलाइन फार्म भर रहे हैं। लेकिन, यहां सबसे अधिक प्रॉब्लम लेडीज टीचर को हो रहा है। इनको न तो मायके में ट्रांसफर करवाने का ऑप्शन मिल रहा है और न ही ससुराल में ही पोस्टिंग करवाने का ही कोई विकल्प मिल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सूबे की महिला टीचर का न मायका और न ससुराल कहीं भी ट्रांसफर नहीं मिल रहा है यानी एक तरह से कहें तो उनका पहले वाला ही हाल रहेगा। बिहार में सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की पीड़ा इसे लेकर फूट पड़ी है। सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थानांतरण के लिए दिए गए फॉर्मेट में पुरुषों के साथ ही महिला शिक्षकों को भी पति या पत्नी का गृह जिला भरना अनिवार्य किया गया है। ट्रांसफर को लेकर इन पंचायतों या अनुमंडलों का विकल्प पुरुष और महिला शिक्षक दोनों को ही नहीं मिल रहा है।
लिहाजा पुरुषों के साथ ही महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि इस बार भी उनका वनवास खत्म नहीं होगा। जिले में सात हजार से अधिक सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की यह पीड़ा है। महिला शिक्षिकाओं को स्थानांतरण के विकल्प में पंचायत, नगर निकाय का विकल्प दिया गया है मगर वे स्वयं की और पति की गृह पंचायत या नगर निकाय का स्कूल विकल्प के तौर पर नहीं चुन सकती हैं। यही नहीं, वर्तमान में पदस्थापित पंचायत या नगर निकाय का विकल्प भी वे स्थानांतरण में नहीं दे सकतीं। यही शर्त पुरुष शिक्षकों पर भी लागू है कि वे गृह अनुमंडल या पत्नी का गृह अनुमंडल नहीं दे सकते हैं।
इसको लेकर शिक्षिका का कहना है कि वह काफी साल से विभाग में नौकरी कर रही है। उस समय उनकी शादी नहीं हुई थी, लेकिन अब उनकी शादी हो गई है तो वह ससुराल के पास ही अपनी पोस्टिंग चाहती है या फिर अपने मायके के पास। लिहाजा, अब जब स्थानांतरण का मौका मिला तो लगा कि ससुराल जाऊंगी मगर इस बार भी यह होता नहीं दिख रहा है। यह पीड़ा एक की नहीं, बल्कि दर्जनों की है। महिलाओं ने कहा कि मायके में कम से कम घरवालों का साथ था, मगर अब तो वह भी छूट जाएगा। महिलाओं के साथ इस बार पुरुष शिक्षकों को भी अपना और पत्नी दोनों का ही गृह अनुमंडल छोड़ कर जाना पड़ेगा।
इधर, स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं ने कहा कि हमें 10 पंचायतों का विकल्प दिया गया है, मगर साथ ही यह भी आदेश है कि अगर इन 10 में रिक्ति नहीं हुई तो विभाग अपने अनुसार स्थानांतरण करेगा। 10 में रिक्ति नहीं रहने पर किस तरह स्थानांतरण किया जाएगा, इसका कोई आधार नहीं दिया गया है।
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