बिहार अब धीरे-धीरे अपने पिछड़े राज्य की छवि से निकल रहा है. नीतीश सरकार सूबे में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करा रही है. बिहार में सड़कों के हालात अब पहले से बेहतर है. बिजली को लेकर भी शिकायत सुनने के लिए नहीं मिलती. मामला चाहे शिक्षा का हो या स्वास्थय का बिहार कई राज्यों से बेहतर कर रहा है. लेकिन बिहारियों को अब तक जिस एक चीज की सबसे ज्यादा कमी खल रही थी वह थी इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम की. सूबे में कोई इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम न होने की वजह से बड़ा क्रिकेट मैच देखने के लिए दिल्ली-मुंबई, लखनऊ या कोलकाता का रूख करना पड़ता था.
बिहार की नीतीश सरकार ने सूबे के लोगों के इस सपने को भी हकीकत में तब्दील कर दिया है. बिहार सरकार ने राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ही एक बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाने का न सिर्फ फैसला लिया बल्कि बिजली की रफ्तार से इसे पूरा भी करा रही है. क्रिकेट स्टेडियम का काम कितना पूरा हुआ इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए हमारी टीम राजगीर पहुंची और हमने जो वहां देखा उसका पूरा हाल आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं.
बिहार के पहले इंटरनेशल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का काम कितनी तेजी से किया जा रहा है. इसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब दिवाली और छठ के समय मजदूर अपने घर जाने के लिए बेताब रहते हैं उस वक्त भी वह स्टेडियम का काम तेजी से कर रहे थे. जब हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि वहां एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में मजदूर वहां काम कर रहे थे. स्टेडियम के ढ़ांचे का काम पूरा कर उसके फिनिशिंग का काम किया जा रहा था. हमें बताया गया कि बिहार सरकार के खेल सचिव और बड़े अधिकारी लगभग रोज ही काम का जायजा लेने के लिए आते हैं.
फिल्ड पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नीतीश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया है. इसके लिए सरकार ने करीब 350 करोड़ की धनराशी भी जारी कर दी है. स्टेडियम का निर्माण खिलाड़ियों की जरुरतों को ध्यान में रखकर किया गया है. क्रिकेट ग्राउंड के निर्माण के लिए बंगाल से खास घास मंगाया गया है.
राजगीर के इस निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम में एंट्री के लिए 4 गेट बनाया गया है. जिनमें से एक गेट खिलाड़ियों, दूसरा गेट VIP के लिए और तीसरा और चौथा गेट आम जनता के लिए बनाया गया है. स्टेडियम में कुल 1 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही मैच के दौरान आने वाली गाड़ियों के लिए भी एक बड़ा सा पार्किंग एरिया भी बनाया गया है. वहीं, लोगों के लिए टॉयलेट और पीने की पानी का भी इंतजाम किया गया है.
बता दें कि बिहार के इस पहले क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. और मार्च 2025 तक इसके पूरी तरह से बनकर तैयार होने की उम्मीद हैं. जानकारों का मानना है कि जिस दिन ये स्टेडियम बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा उस दिन से बिहार के खेल जगत में एक बड़ा बदलाव देखने के लिए मिलेगा.
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