Bihar

बिहार लैंड सर्वे का साइड इफेक्ट, रिटायर्ड ADM का फर्जी बेटा बन कर पुश्तैनी जमीन की रजिस्ट्री कराना चाहते थे ठग! शातिर गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

बिहार में कानून व्यवस्था के लिए जमीन विवाद एक बड़ा मुद्दा है, इसलिए सरकार इस पर रोक लगाने के लिए जमीन सर्वे जैसे काम करवा रहे हैं. आपने शायद कई तरह के संपत्ति विवादों के बारे में सुना, देखा या जाना होगा. कुछ लोग किसी और की जमीन नकली दस्तावेज बनावा कर रजिस्ट्री कर दे रहे हैं. ऐसे में जमीन के मूल मालिक को इसके बारे में पता भी नहीं चलता और खेल हो जाता है.

फर्जी बेटा बन कर ठगी की कोशिश

ऐसा हीं एक मामला कटिहार से सामने आया है. जहां अवकाश प्राप्त स्व. एडीएम के पुत्र बनकर झारखंड से आए दो ठगों को पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री करने से पहले गिरफ्तार कर लिया है. गोड्डा जिला के अवध किशोर झा और दुमका जिला के अमित कुमार राय को स्वर्गीय गजाधर तिवारी अवकाश प्राप्त एडीएम के बेटा वेद प्रकाश तिवारी और प्रेम प्रकाश तिवारी बनकर फर्जी तरीके से मनसही स्थित उनकी जमीन को रजिस्ट्री करने की कोशिश कर रहे थे तभी पुलिस को भनक लग गई और उन्हें धर दबोचा.

इससे पहले भी झारखंड के इन दोनों ठगों ने फर्जी तरीके से इसी जमीन का एक बड़ा हिस्सा साल 2024 के जनवरी महीने में रजिस्ट्री कर दिया है उधर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री के सवाल पर कटिहार जिला निबंधन पदाधिकारी ने कहा कि फिलहाल क्रेता-विक्रेता के स्कैन को लेकर उन लोगों के पास कोई तकनीकी व्यवस्था फिलहाल नहीं है लेकिन जल्द सरकार ऐसा व्यवस्था लाने जा रहा है. जिससे आधार कार्ड के वेरिफिकेशन के समय ही क्रेता विक्रेता की पहचान साफ हो जाएगा, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए जमीन खरीदने से पहले लोगो को जमीन और विक्रेता से जुड़े तमाम वेरिफिकेशन पूरा कर लेना चाहिए ताकि फर्जीवाड़ा से बचा जा सके.

कहीं आपकी जमीन पर भी तो जालसाजों की नहीं है नजर

जमीन किसी और की है और इसकी रजिस्ट्री कोई और कर रहा है. झूठे शीर्षक दस्तावेज़, नकली तस्वीरें और स्ताक्षर/फिंगरप्रिंट तक बनाए जाते हैं. अगर आपके साथ ऐसा होता है तो जानकारों का कहना है कि जैसे ही आपको ऐसे मामलों के बारे में पता चले तो सबसे पहले इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन में करनी चाहिए. यदि किसी घोटालेबाज ने आपकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है, तो सबसे पहले आपको रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए.

क्या करें

यदि संभव हो तो आप पंजीकरण महानिरीक्षक या उप-रजिस्ट्रार को लिखित जानकारी भी प्रदान कर सकते हैं. इस लिखित जानकारी में आपको यह बताना होगा कि स्थिति कैसे उत्पन्न हुई. इससे उन्हें आपकी समस्या की गंभीरता का पता चल जाएगा. बहरहाल भूमि सर्वेक्षण बिहार में चल रहा है ऐसे में जालसाज अपनी कारस्तानी को भी अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं.

Avinash Roy

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