बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रिटायरमेंट के बाद भी भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों को किसी-न-किसी रूप में सेवा देने के लिए चर्चित हैं, फिर 2056 में रिटायर होने वालीं काम्या मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया? यह सवाल हरेक जुबान पर आ रहा है। जिसे, जैसे पता चल रहा है कि काम्या मिश्रा ने इस्तीफा दिया है- यही सवाल उठ रहा है कि कहीं सिस्टम से परेशान तो नहीं।
2019 बैच की आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा और उनके आईपीएस पति अवधेश दीक्षित ने इस सवाल पर एक ही जवाब दिया- निजी कारणों से। तो, क्या यह कारण सचमुच निजी है। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद काम्या मिश्रा आगे क्या हंगामेदार खबर बताती हैं, वह बाद में पता चलेगा। अभी यह पता चल रहा है कि वह दो अक्टूबर को कुछ बड़ा खुलासा करेंगी या सीधे हिमाचल प्रदेश जाकर अपने पारिवारिक काम को संभालेंगी।
बिहार में दमदार छवि वाले आईपीएस अधिकारियों को विशेषण वाले नाम मिलते रहे हैं। एक समय गुप्तेश्वर पांडेय को रॉबिनहुड कहा जाता था। महाराष्ट्र से बिहार में आकर धमक दिखाने वाले शिवदीप वामनराव लांडे को बिहार का सिंघम कहा जाता है। इसी तरह काम्या मिश्रा को बिहार में लेडी सिंघम कहा जाता है। दिल्ली के श्रीराम कॉलेज से स्नातक करने वाली काम्या मिश्रा का जन्म एक नवंबर 1996 को हुआ था। वह ओडिशा की हैं।
2019 की संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में 172वां रैंक पाकर काम्या मिश्रा ने आईपीएस ज्वाइन किया। उन्होंने बाद में ओडिशा से अपना कैडर बिहार करा लिया। यानी, जाहिर रूप से बिहार से उनका जुड़ाव है। उन्होंने आईपीएस के रूप में 26 अगस्त 2019 को ज्वाइन किया और दरभंगा ग्रामीण एसपी के रूप में 06 मार्च 2024 को मिली अंतिम पोस्टिंग पर रहते हुए इस्तीफा दिया है। उनकी रिटायरमेंट तिथि 30 नवंबर 2056 है, यानी अभी 32 साल से ज्यादा।
काम्या मिश्रा काम के समय जरूरत पर जितनी कड़क नजर आती हैं, उतनी ही सौम्य और सहज हैं। वह सोशल मीडिया पर अपने पारंपरिक त्योहारों पर सजी-संवरी भी दिखती हैं और पति के साथ सुकून के पलों को भी शेयर करती हैं। उनके पति अवधेश दीक्षित इस समय मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी हैं। दोनों की शादी 2021 में हुई थी। दोनों 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अवधेश दीक्षित का मूल राज्य राजस्थान है। उन्होंने भी काम्या की तरह आईपीएस के रूप में 26 अगस्त 2019 को ज्वाइन किया था। 26 जनवरी 2024 से अवधेश दीक्षित सिटी एसपी मुजफ्फरपुर की भूमिका निभा रहे हैं। अवधेश दीक्षित अपनी पत्नी से करीब चार साल बड़े हैं और वह भी सुलझे हुए अधिकारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके प्रशांत किशोर, यानी पीके दो अक्टूबर को राजनीतिक दल के रूप में बिहार की राजनीति में उतरने वाले हैं। उन्होंने बिहार की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान भी किया है और अपने हर प्रत्याशी की जीत की गारंटी भी दे रहे हैं। रविवार को उन्होंने पटना में युवाओं के बीच एक बड़ा कार्यक्रम भी किया था। इस खबर में पीके की चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि दरभंगा में इस बात पर खूब बहस हो रही है कि काम्या मिश्रा राजनीति में उतरने वाली हैं और वह भी पीके के साथ। काम्या मिश्रा ने खुद इस्तीफे की वजह निजी बताई है और ऐसी संभावना पर फिलहाल चुप रह गई हैं। बिहार में आईपीएस से राजनीति में आए सुनील कुमार मंत्री हैं, हालांकि गुप्तेश्वर पांडेय डीजीपी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आते-आते रह गए थे।
‘अमर उजाला’ को एक और जानकारी मिल रही है। वह यह है कि काम्या मिश्रा अपने पिता का काम संभालने हिमाचल प्रदेश जाएंगी। उनके पिता का वहां बड़ा कारोबार है और उस घर की इकलौती वारिस काम्य ही हैं।
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