बिहार में खेलों को लेकर एक नई क्रांति आने वाली है। बिहार सरकार ने 382 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, खेल अकादमी और राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के सुचारु संचालन के लिए बहाली की जाएगी। 382 में से 200 पदों पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इसमें 48 राजगीर खेल अकादमी, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और जिला के लिए 152 प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रन शंकरण ने कैबिनेट में मिली मंजूरी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह बिहार के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। इसमें बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के सुगम प्रबंधन और संचालन के लिए मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न कोटि के 301 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं, नालंदा जिला अंतर्गत राजगीर में निर्माणाधीन राज्य खेल अकादमी और अंतरराष्ट्रीय मानक के क्रिकेट स्टेडियम के सुगम संचालन के लिए विभिन्न कोटि के 81 पदों पर बहाली होगी।
खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद मिलेगी
ये नए पद सृजित होने से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन प्रारंभिक स्तर से किए जाने, कम उम्र वाले खिलाड़ियों को प्रारंभिक खेल गतिविधियों में सम्मिलित किए जाने से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। जिससे राष्ट्रीय स्तर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद प्राप्त होगी।
राज्य खेल अकादमी और अंतरराष्ट्रीय मानक के क्रिकेट स्टेडियम, राजगीर में वर्तमान में कुल 24 खेल विधा क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, हॉकी, वालीबॅाल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जुड़ो, ताईक्वांडो, लॉन टेनिस, हैंडबॉल, साईकिलिंग, तैराकी, कबड्डी, कुश्ती, भारोत्तोलन, बॉक्सिंग, वुशु, तलवारबाजी, स्कवैश, तीरंदाजी, निशानेबाजी, टेबल टेनिस, बिलियर्ड, का आयोजन एवं प्रशिक्षण हो सकेगा।
समस्तीपुर : मोहनपुर और मोहिउद्दीननगर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शनिवार को एडीएम आपदा…
समस्तीपुर : जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों के निष्पादन को लेकर शनिवार को…
बिहार के जहानाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक…
समस्तीपुर : डीएम रोशन कुशवाहा ने शनिवार को जिला कोषागार का निरीक्षण किया। इस दौरान…
समस्तीपुर : छोटी लाइन और सीमित सुविधाओं से शुरू हुआ समस्तीपुर रेल मंडल का सफर…
समस्तीपुर : बिहार की दुग्ध सहकारी संस्था कॉमफेड की करीब 15 वर्षों की एक परियोजना…