पीएम मोदी कल यानी रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले जदयू ने बड़ा दावा किया है। जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक की तरफ से नीतीश कुमार को पीएम पद का ऑफर दिया गया था।
उन्होंने एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने इंडिया ब्लॉक से आए इस ऑफर को ठुकरा दिया है। वो एनडीए के साथ बने रहेंगे।
केसी त्यागी ने कहा, ‘हमारे नेता नीतीश कुमार ने किसी भी ऐसी पेशकश को सिरे से नकार दिया है। वरना प्रपोजल तो यहां तक आए हैं कि नीतीश जी प्रधानमंत्री हो जाएं। और ऐसे प्रपोजल उन लोगों की ओर से आ रहे हैं, जिन्होंने नीतीश कुमार को इंडी गठबंधन का संयोजक बनाने तक से इनकार कर दिया था। हम इसके जन्मदाता थे। हमने कांग्रेस पार्टी की पॉलिटिकल अनटचेबिलिटी खत्म की। अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी… ये कांग्रेस के साथ मंच शेयर करने को तैयार नहीं थे।’
केसी त्यागी के दावे को राजद ने जुमलेबाजी करार दिया है। पार्टी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि केसी त्यागी प्रस्ताव देने वाले का नाम बताएं।
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि बड़ी बात यह कि राजनीति न एक दिन में शुरू होती है और न एक दिन में खत्म। केसी त्यागी जो बातें कह रहे हैं, उसको तथ्यों के साथ सामने लाए। किस नेता ने प्रस्ताव दिया था। आप जुमलेबाज पार्टी के साथ हैं तो आप भ्रम और जुमलेबाजी करके अपनी राजनीतिक स्थिति को बनाए रखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को तो एनडीए की बैठक में जिस तरह से सीएम नरेन्द्र मोदी के आगे नतमस्तक हुए उससे साफ हो गया कि आप किसके लिए और किसकी राजनीति करते हैं। केसी त्यागी की राजनीति को बिहार की जनता और देश की जनता समझ चुकी है।
वहीं राजद प्रवक्ता ऋषि मिश्रा ने केसी त्यागी के दावे को नकारा है। उन्होंने कहा कि पीएम के चुनाव को चंड़ीगढ़ के मेयर का चुनाव ना बनाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी बात से जदयू को 3 की जगह 4 मंत्रालय मिल जाए तो अच्छा है।
अभी भी समय है, इंडिया गठबंधन के साथ आएं नीतीश – माले
काराकाट से चुने गए माले के सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार शुरू से थ्री सी की बात करते रहे हैं। वो जीरो टॉलरेंस वाले नेता खुद को बताते रहे हैं। हम उनसे अपील करते हैं कि इस बार उनकी परीक्षा की घड़ी है। नीतीश कुमार को जनादेश का सम्मान करना चाहिए और हमारा साथ देना चाहिए, अभी भी समय है। जनादेश इसलिए आया है कि नरेन्द्र मोदी सत्ता से छुट्टी पाएं। नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के साथ आएं।
वहीं माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि तीन सीट पर चुनाव लड़कर हम दो सीट पर जीते। नालंदा में कड़ी टक्कर दी। हमें जो उम्मीद थी वैसा परिणाम इंडिया गठबंधन को नहीं मिला। इंडिया गठबंधन को पूर्णिया सीट जोड़ कर देखें तो दस सीटें मिली, हमें उम्मीद थी कि 20 सीटें गठबंधन को मिलेंगी। हम इसकी समीक्षा करेंगे।
कांग्रेस का अपमानित करने का इतिहास
बीजपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि नीतीश कुमार को पता है कि इंडी गठबंधन ने कैसे बेइज्जत कर नीतीश कुमार को बाहर किया है। कांग्रेस का अपमानित करने का इतिहास ही रहा है। उन्होंने चंद्रशेखर से लेकर गुजराल तक को अपमानित किया है। नीतीश कुमार इससे परिचित हैं। इस वजह से नीतीश कुमार ने प्रस्ताव को ठुकराया है।
लोकसभा चुनाव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को 12 सीटें आई हैं। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। यानी ये दोनों नेता नई केन्द्र सरकार के गठन में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
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