SIMI VALLEY, CALIF. - OCTOBER 19 , 2011: Nowell Siegel, a flight test pilot, helps guide the Qube in Simi Valley on October 19, 2011. The Qube is a drone manufactured by AeroVironment. He uses a hand controller which controls function, path of the vehicle, altitude and where the camera is looking. AeroVironment is looking to the commercial market. (Gary Friedman/Los Angeles Times)
नए साल में बिहार में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक विशेष प्लान तैयार किया है. 2024 में इसे लागू भी कर दिया जाएगा. बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. दरअसल बिहार पुलिस की यही योजना है कि राज्य में जल्द ही ड्रोन पुलिस यूनिट की स्थापना की जाए.
हर जिले में इसकी एक शाखा रहेगी, जहां जरूरत के अनुसार ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा. बिहार एसटीएफ को इसके लिए नोडल एजेंसी भी बनाया गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे आपराधिक वारदातों में कमी आएगी और कांडों का उद्घाटन करने में पुलिस को आसानी होगी. साथ ही ड्रोन की मदद से पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय भी मिल पाएगा. इसकी जानकारी बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपर पुलिस महानिदेशक जीएस गंगवार ने दी.
एडीजी मुख्यालय ने बताया कि जिलो में ड्रोन की आवश्यकता के अनुसार खरीद की जाएगी. इसके लिए पुलिस मुख्यालय के स्तर पर जिलों को निर्देश जारी किया गया है. जिलों को कहा गया है कि आवश्यक तैयारी करें और जरूरत के हिसाब से रिपोर्ट करें. ड्रोन पुलिस यूनिट के संचालन के लिए एसटीएफ को नोडल एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है. ड्रोन पुलिस यूनिट में आवश्यकता के अनुसार 250 ग्राम से लेकर 1.50 क्विंटल तक के ड्रोन का इस्तेमाल किया जाना है.
इसे दियारा इलाके से लेकर पहाड़ी क्षेत्र और दूसरे दुर्गम इलाकों में उपयोग में लाया जाएगा. ड्रोन पुलिस बेहतर तरीके से कम करें इसके लिए आवश्यक रिसर्च और ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की गई है. बिहार पुलिस ने तमिलनाडु, उत्तराखंड और एयर फोर्स ड्रोन के इस्तेमाल का खास तौर पर अध्ययन किया है, अभी एक्सपर्ट के माध्यम से और बाद में अधिकारियों को ट्रेनिंग देकर ड्रोन से बेहतर काम लिया जा सकेगा. एडीजी की मानें तो मिशन सुरक्षा के तहत इसका राज्य में इस्तेमाल किया जाना है.
दरअसल बिहार में जिस रफ्तार से आपराधिक वारदातों में बढ़ोतरी हुई है, उसे गति से कांडों का उद्वेदन नहीं हो पाया है. केस के निष्पादन में देरी हो रही है और दुर्गम क्षेत्रो में अभियुक्त छिप जाते हैं जो एक अलग समस्या है. ड्रोन से उन्हें खोज निकाला जाएगा, साथ ही ड्रोन पुलिस जब सक्रिय हो जाएगी तो क्रिमिनल का मनोबल भी टूट जाएगा और बदमाशों की गुप्त योजनाओं पर पुलिस पहनी नजर रख सकेगी.
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