जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से 29 दिसंबर को ललन सिंह ने इस्तीफा दे दिया. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी की कमान संभाल ली. कयास ये लगाए जा रहे थे कि ललन सिंह और नीतीश कुमार के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. इस पर ललन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
‘तथ्यहीन खबरें चलाने वाले चारों खाने चित्त होंगे’-ललन सिंह:
उन्होंने लिखा है किपिछले करीब एक हफ्ते से हमारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) और मेरे बारे में बहुत सारी भ्रामक और तथ्यहीन खबरें मीडिया के एक वर्ग द्वारा लगातार चलाई गईं. मेरे और माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 37 साल के संबंधों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाने की कोशिश हुई. ऐसी तथ्यहीन खबरें चलाने वाले चारों खाने चित्त होंगे. ऐसा करने वाले सभी संस्थाओं को कानूनी नोटिस दूंगा और मेरी छवि धूमिल करने के लिए उन पर मानहानि का मुकदमा करूंगा.
ललन सिंह ने मीडिया पर साधा निशाना:
सोशल मीडिया पर राजीव रंजन ने एक पत्र जारी किया है जिसमें लिखा है “एक प्रमुख समाचार पत्र एवं कुछ न्यूज चैनल्स में प्रमुखता से यह खबर छपी / बताई गई है कि उप-मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के प्रयास में मेरी अध्यक्ष पद से विदाई हो गई. खबर यह भी छपी है कि 20 दिसम्बर को एक मंत्री के कार्यालय में दर्जन भर विधायकों की बैठक हुई जिसमें मैं भी उपस्थित था. खबर में और भी विस्तार से जनता दल (यू०) के टूट की प्रकिया पर चर्चा की गई है.
मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश:
यह खबर पूर्णतः भ्रामक, असत्य और मेरी छवि को धूमिल करने वाली है. मैं 20 दिसम्बर को माननीय मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली में था और 20 दिसम्बर की शाम में सभी सांसदों के साथ मुख्यमंत्री जी के दिल्ली आवास पर एक बैठक में शामिल था. समाचार पत्र ने जान-बूझकर मेरी छवि को धूमिल करने के लिए इस प्रकार की खबर छापी है और नीतीश कुमार के साथ मेरे 37 साल के संबंधों पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है.
ललन सिंह उठाएंगे बड़ा कदम:
तथ्य यह है कि मैंने अपने संसदीय क्षेत्र में व्यस्तता के कारण मेरी इच्छा और मुख्यमंत्री जी की सहमति से अध्यक्ष का पद छोड़ा और श्री नीतीश कुमार जी ने स्वंय इस दायित्व को लिया. ऐसे भ्रामक समाचार को लिखने वाले और छापने वाले चारो खाने चित्त होगें. जनता दल (यू०) पार्टी के सर्वमान्य नेता श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक जुट है. मैंने फैसला किया है कि पटना लौटकर तत्काल संबंधित समाचार पत्र को कानूनी नोटिस दूंगा और मेरी छवि को धूमिल करने के लिए उनपर मानहानि का मुकदमा करूंगा.
सुशील मोदी ने कही थी ये बात:
बता दें कि सुशील मोदी ने ललन सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि जो बिहार को भाजपा-मुक्त करने के बड़बोले दावे कर रहे थे, पार्टी ने उन्हें ही मुक्त कर दिया. साथ ही सुशील मोदी ने दावा किया था कि जदयू के भीतर दो गुट बन चुका है. एक खेमा लालू-समर्थक है, जिसके 12 से ज्यादा विधायकों को ललन सिंह अपने साथ ले चुके हैं. इसी बीच बीते दिनों दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक जब ममता बनर्जी ने पीएम पद के लिए मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव रखा तो ललन सिंह ने मौन साध लिया. वहीं नीतीश के साथ पटना नहीं लौटे, बल्कि उस दिन वापस आए जब लालू और तेजस्वी लौटे. इसको लेकर भी सवाल खड़े किए थे.
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