बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में एक बार फिर चूक हो गई। सीएम के नजदीक एक बाइकर्स के पहुंचने पर पूरे एरिया की सिक्योरिटी दुरुस्त करने की बात कही गई थी। मगर सोमवार वो एक बार फिर पूरी तरह फेल नजर आई। बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती परीक्षा में आवेदन किए अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गए। अफसरों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। किसी तरह उनको हाई सिक्योरिटी जोन से बाहर निकाला गया।
नीतीश की सुरक्षा में फिर चूक
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे तो सामने से आ रहा बाइकर्स सिक्योरिटी क्षेत्र में घुस गया था। उसके बाद एक अणे मार्ग और सर्कुलर रोड की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस लगातार इस क्षेत्र की निगरानी में लगी हुई है। बावजूद इसके सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस भर्ती परीक्षा में आवेदन किए छात्र अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच गए। सीएम आवास के सिक्योरिटी में लगे सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह उनको रोका।
बिहार पुलिस का आईक्यू इतना कमजोर क्यों?
बिहार पुलिस का आईक्यू स्तर इतना कमजोर है कि उसे ये नहीं समझ आ पाता आखिर वीआईपी इलाके की सुरक्षा कैसे करनी है। किसे एंट्री देनी है और कहां उसे अपनी ड्यूटी निभानी है। ऐसे में 10 दिन के भीतर दूसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था फेल होती नजर आई।
सीएम सिक्योरिटी में सेंध की ये दूसरी घटना
नीतीश कुमार की सुरक्षा में सेंध चैन स्नेचर लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए डिवाइडर पर कूदना पड़ा। मुख्यमंत्री सुबह में मॉर्निंग वॉक करने के लिए निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रहा बाइकर्स सीएम सिक्योरिटी क्षेत्र में घुस गया। बिहार पुलिस के लिए जोरदार तमाचा ये था कि वो चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम देकर हाई सिक्योरीटी जोन से से गुजर रहा था।
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