बेगूसराय जिले में आरजेडी नेता नगीना यादव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के हनुमान के रूप में उनकी पहचान थी। वह सदर प्रखंड की शाहपुर पंचायत के फतेहपुर गांव के रहने वाले थे। नगीना यादव शुक्रवार को आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कहकर घर से निकले थे। पुलिस को डंडारी थाना इलाके के मुसवारा पुल के आगे सड़क किनारे गड्ढे में शनिवार सुबह वह बाइक के नीचे दबे हुए घायल अवस्था में मिले। अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। पुलिस इसे सड़क हादसा बता रही है। नगीना यादव की पत्नी लूसी देवी शाहपुर पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं।
आरजेडी नेता नगीना यादव (45) की मौत की खबर मिलते ही परिजन में कोहराम मच गया। शनिवार को तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम करके शव परिजन को सौंप दिया। मृतक के चाचा रूपेश ने बताया कि उन्हें एक एंबुलेंस वाले ने फोन किया कि नगीना यादव को इलाज के लिए शहर के एक निजी क्लीनिक ले जा रहे हैं। जब वे लोग अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डंडारी थानाध्यक्ष ने आरजेडी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार यादव को बताया कि सुबह पांच बजे उन्हें सूचना मिली कि गड्ढे में एक युवक बाइक से दबा हुआ है। जब पुलिस गश्ती वहां गई तो बाइक के नीचे से उसे बाहर निकाला गया। उसके बाद शख्स ने अपना परिचय दिया और बेहोश हो गया। तत्काल उसे इलाज के लिए तेतरी पीएचसी लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एक एंबुलेंस वाले को बुलाया। शहर के एक निजी क्लीनिक में जाते-जाते उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार आरजेडी नेता की मौत सड़क हादसे के कारण हुई। पुलिस का कनहा है कि आंधी-तूफान की वजह से उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया होगा और वह सड़क किनारे गड्ढे में गिर गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे आंधी-तूफान के साथ बारिश आई थी। पुलिस के अनुसार तूफान के वक्त ही यह हादसा हुआ और करीब 6 घंटे तक नगीना बाइक के नीचे दबकर गड्ढे में ही पड़े रहे। शनिवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें गड्ढे से निकाला गया।
बेगूसराय सदर अस्पताल में नगीना यादव के समर्थकों, रिश्तेदारों और मिलने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनके समर्थक और परिजन नगीना यादव की सड़क हादसे में मौत से इनकार कर रहे हैं। अधिवक्ता अमित यादव ने हत्या की आशंका जताते हुए एसपी से उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
आरजेडी अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव राजदीप उर्फ मुकुल सरदार ने बताया कि पुलिस के मुताबिक नगीना यादव बाइक के नीचे करीब छह घंटे तक पड़े रहे। मुख्य सड़क से गड्ढे में बाइक पलट गई तो न तो बाइक में कहीं टूट-फूट है और न ही शरीर के किसी भी भाग में खरोंच। यहां तक कि छाती पर छह घंटे तक बाइक पड़ी रही फिर भी किसी भी प्रकार की चोट के निशान नहीं हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हो गया कि नगीना यादव के दाहिने छाती की हड्डियां टूटी हुई पाई गईं और खून का थक्का जम गया था।
डंडारी थाना इलाके के मुसवारा पुल के आगे मुख्य सड़क के गड्ढे में बाइक के नीचे रात भर नगीना यादव दबे रहे। इस दौरान उन्होंने शुरू में जान बचाने के लिए चिल्लाकर मदद मांगी होगी। मगर किसी की नजर उनपर नहीं पड़ी। सुबह में किसी ने फोन पर पुलिस को सूचना दी, तो डंडारी पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पुलिस गश्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर रात में गश्ती हुई तो पुलिस की नजर सड़क किनारे पड़ी बाइक पर क्यों नहीं पड़ी? फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
मृतक नगीना यादव लालू परिवार के करीबियों में से एक थे। कई कार्यक्रमों में वे आरजेडी सुप्रीमो, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, मंत्री तेजप्रताप समेत लालू परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नजर आ चुके हैं। बेगूसराय की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्हें लालू के हनुमान के तौर पर भी जाना जाता था।
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