बिहार के सभी भूमिहीनों को इसी साल वासरहित भूमि दे दी जायेगी. ऑपरेशन बसेरा के तहत कॉलोनी बसा कर रोशनी सहित अन्य व्यवस्था की जायेगी. इसमें भूमिहीनों को तीन और पांच डिसमिल जमीन दी जायेगी. इसके साथ ही बासगीत पर्चा वालों को दखल मिला या नहीं इसका आकलन होगा. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता ने प्रो नवल किशोर यादव के तारांकित प्रश्न के जवाब में सदन में बुधवार को कहा.
इस प्रश्न के पूरक में जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने प्रस्ताव रखा कि वासरहित भूमि की उपलब्धता गरीब सवर्णों के लिए भी होनी चाहिए. मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि इस प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी. जिसके बाद अब सवर्ण कैटेगरी से आने वाले गरीब व भूमिहीनों को भी इसमें आस दिखने लगी है.
बता दें कि पिछले साल ही सरकार की ओर से मंत्री आलोक मेहता ने कहा था कि सूबे के सभी भूमिहीनों का सर्वे कराया जाएगा और जिलेवार इसकी सूची तैयार की जाएगी. मंत्री ने बताया था कि प्रत्येक भूमिहीन को जिला स्तर पर कैंप लगाकर जमीन का पर्चा थमाया जाएगा. पांच डिसमिल ये जमीन उन्हें दी जाएगी. अपना कार्यभार संभालने के साथ ही मंत्री ने मीडिया के सामने ये बातें कही थी.
मंत्री ने कहा था कि वो लोग जिनके पास बासगीत पर्चा है लेकिन जमीन से बेदखल कर दिया गया है उन्हें फिर से जमीन पर कब्जा दिलाने का काम सरकार करेगी. वहीं भूदान वाले जमीन की पहचान भी की जाएगा. बता दें कि बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार लगातार सक्रियता दिखा रही है.
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