उपेंद्र कुशवाहा के जेडीयू छोड़कर रालोजद नाम से नई पार्टी बनाने के बाद चर्चा है कि क्या बिहार में बीजेपी का गेमप्लान 2024 कामयाब हो रहा है। चर्चा इसलिए क्योंकि कुशवाहा के जेडीयू छोड़ने के अगले दिन ही बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल उनसे मिलने पहुंच गए। जायसवाल ने मंगलवार को कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।
उपेंद्र कुशवाहा का 2024 लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में जाना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर, लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान का भी बीजेपी प्रेम कई बार छलक चुका है। वे भी जल्द एनडीए में शामिल होंगे। ऐसे में कुशवाहा और पासवान के गठबंधन में आने से बीजेपी को नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के खिलाफ बड़ी काट मिल सकती है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जासवाल ने मंगलवार को उपेंद्र कुशवाहा से उनके आवास पर मुलाकात की। मीटिंग के बाद कुशवाहा ने कहा कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। रालोजद के एनडीए में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। अभी वह नई पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं।
भले ही उपेंद्र कुशवाहा एनडीए में जाने के सवाल को टाल रहे हैं, मगर उनका बीजेपी के साथ जाना तय माना जा रहा है। क्योंकि वे पहले ही कह चुके हैं कि अब वह नीतीश कुमार के साथ नहीं जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2024 में वे महागठबंधन में नहीं रहेंगे। ऐसे में उनके पास अब एनडीए ही एकमात्र विकल्प बचा है। क्योंकि रालोजद आगामी चुनाव में अकेले लड़ी तो कुछ खास सफलता हासिल नहीं कर पाएगी। अगर वह एनडीए में रहकर चुनाव लड़ती है तो उसे कम से कम दो सीटें लड़ने के लिए मिल सकती हैं।
कुशवाहा के जेडीयू छोड़कर नई पार्टी बनाने के पीछे बीजेपी का गेमप्लान 2024 माना जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए में शामिल करके बीजेपी नीतीश कुमार के लव-कुश वोटबैंक को साध सकती है और कुर्मी एवं कोइरी समाज के वोटरों को अपने पाले में कर सकती है। वहीं, बीजेपी की नजर चिराग पासवान पर भी है। चिराग लंबे समय से बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रचार करते आए हैं, लेकिन अपने चाचा पशुपति पारस से विवाद के चलते वे अब तक एनडीए में शामिल नहीं हो पाए हैं। बीजेपी चाचा-भतीजा में सुलह के प्रयास में लगी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही यह मामला सुलझेगा और चिराग की एनडीए में वापसी होगी।
खबर है कि बीजेपी ने 2024 चुनाव को लेकर बिहार में अपनी रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली है और उस पर काम चल रहा है। 40 सीटों वाले राज्य में बीजेपी 32 पर अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतार सकती है। बाकी की 8 सीटें गठबंधन के अन्य साथियों को लड़ने के लिए दी जा सकती हैं। अगर चिराग पासवान एनडीए में आते हैं तो लोजपा के दोनों गुटों को तीन-तीन यानी कुल 6 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, कुर्मी-कोइरी फैक्टर वाली 2 सीटों पर कुशवाहा की पार्टी रालोजद के उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि उपेंद्र और चिराग की एनडीए में एंट्री सीट बंटवारे पर सहमति बनने के बाद ही होगी।
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