उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से यूपीएसटीएफ की टीम को बड़ी सफलता मिल गई है। एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग के जरिए आयोजित एसएससी (जीडी कॉन्स्टेबल) ऑनलाइन परीक्षा-2022 में सेंधमारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। इस गिरोह के सरगना अच्युतानन्द यादव समेत 7 लोगों को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। अच्युतानन्द यादव यूपी पुलिस का कर्मी बताया जा रहा है, वो मौजूदा समय में अयोध्या जिले में आरक्षी के पद पर तैनात था। आरोप है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर सॉल्वर बैठाते थे। प्रदेश के 13 जनपदों में 61 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा होनी थी।
दरअसल एसटीएफ की टीम को इनपुट मिला था कि अयोध्या में तैनात आरक्षी अच्युतानन्द यादव अपने साथी गुड्डू यादव, प्रयागराज निवासी सलमान और अमित एसएससी जीडी की परीक्षा में सॉल्वर बैठाने जा रहे है। इसी क्रम में 17 जनवरी को राजधानी के कुर्सी रोड स्थित सिंको लर्निंग सेंटर परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वरों को बैठाकर परीक्षा दिलाएगा। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने सॉल्वर विवेक कुमार सिंह को परीक्षा केंद्र के अंदर से और मूल अभ्यर्थी केशवानंद को परीक्षा केंद्र के बाहर से गिरफ्तार किया है। साथ ही मनोज कुमार झा समेत अन्य को इसी परीक्षा केंद्र के बाहर से धरदबोचा है।
अयोध्या जिले में तैनात है अच्युतानन्द
एसटीएफ की टीम ने जिन सॉल्वरों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान बिहार निवासी विवेक कुमार सिंह, बिहार के ही समस्तीपुर निवासी मनोज कुमार झा और बक्सर बिहार निवासी राकेश यादव के रूप में हुई है। एक अभ्यर्थी प्रयागराज और दो अभ्यर्थी गोरखपुर के रहने वाले है। गैंग का लीडर और आरक्षी अच्युतानन्द यादव बांसगांव गोरखपुर का ही रहने वाला है। इनके पास से 4 प्रवेश पत्र (2 कूटरचित प्रवेश पत्र), 8 फोन, आधार कार्ड, डीएल, पैन, निर्वाचन कार्ड समेत नगदी भी बरामद हुई है।
गैंग के लीडर अच्युतानन्द ने पूछताछ में बताया कि वह पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर जनपद अयोध्या में तैनात है।साल्वर मनोज, राकेश से संपर्क करके मूल अभ्यर्थियों से प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, फोटो प्राप्त करके साल्वर और मूल अभ्यर्थी की फोटो मिक्सिंग कराकर प्रवेश पत्र पर लगाता था।
30 हजार रुपये में देता था परीक्षा
अच्युतानन्द ने बताया कि इसके लिये सॉल्वरों को 20 हजार रुपये प्रति परीक्षा दिया जाता था। साल्वर मनोज कुमार के अनुसार उसने 11 जनवरी को परीक्षा केंद्र मेट्रो नेटवर्क सल्यूशन खरगापुर गोमतीनगर पर मूल अभ्यर्थी जियाउल हुसैन के स्थान पर परीक्षा दिया है। इसी ने 16 तारीख को कानपुर रोड स्थित योर लिटिल एंजल होम सेक्टर डी. एलडीए कालोनी परीक्षा केंद्र में मूल अभ्यर्थी सुजीत कुमार के स्थान पर परीक्षा दिया है। इसी तरह साल्वर राकेश कुमार भी एक परीक्षा दे चुका था और 17 जनवरी को होने वाली परीक्षा देने वाला था।
गिरफ्तार आरोपी विवेक कुमार सिंह ने पूछताछ पर बताया कि अमित फोटो बनाने का काम करता है। इसकी दोस्ती सलमान निवासी प्रयागराज से है, सलमान के कहने पर अमित ने केशवानन्द की फोटो के स्थान पर उसकी फोटो मिक्स करके प्रवेश पत्र और आधार कार्ड बनाया था। केशवानन्द के स्थान पर वो परीक्षा दे रहा था, जिसके बदले में उसे 30 हजार रूपये मिलने थे।
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