Bihar

बिहार के विश्वविद्यालयों में एग्जाम टाइम पर नहीं; रिजल्ट में देरी, पटना हाई कोर्ट ने पांच VC पर जुर्माना ठोका

बिहार में वैसे तो 20 से ज्यादा विश्वविद्यालय हैं, जो छात्रों को ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्रियां देते हैं। मगर कब देंगे, कितने सालों में देंगे? ज्यादातर विश्वविद्यालयों के पास इसका कोई प्लान नहीं है। इस काम को करने के लिए यूनिवर्सिटी में एक वाइस चांसलर भी होता है, जिसे मोटी तनख्वाह के अलावा कई सुविधाएं मिलती है। उसके अधीन एक लंबा-चौड़ा तंत्र होता है, जिसका ये काम होता है कि सबकुछ तय समय के मुताबिक हो। मगर आश्चर्य की बात ये कि कुलपति या विश्वविद्यालय के पास इसका कोई शेड्यूल प्लान ही नहीं है। जिसे आमतौर पर एग्जाम कैलेंडर कहा जाता है। इसी को लेकर पटना हाईकोर्ट ने बिहार के कुलपतियों पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

बिहार में VC पर लगा जुर्माना

बिहार के विश्वविद्यालयों में परीक्षा में देरी को लेकर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार किया है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू), मगध विश्वविद्यालय (एमयू) और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के कुलपतियों पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 2018 से लंबित विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षा कार्यक्रम को ये कोर्ट में पेश नहीं कर पाए। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।

एग्जाम कैलेंडर नहीं दे पाए VC

अदालत ने चार नवंबर को राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को परीक्षाओं के आयोजन में देरी पर अपना पक्ष रखने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था। उन्हें एक समयरेखा प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया था। जिसके भीतर वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष आयोजित की जा सकें। उच्च न्यायालय ने कुलपतियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित की जाने वाली वार्षिक परीक्षाओं के कैलेंडर को प्रस्तुत करने में विफल रहने की स्थिति में जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी थी।

यूनिवर्सिटी में परीक्षा कैसे दुरुस्त हो?

मंगलवार को तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति वार्षिक परीक्षा कराने की समय-सीमा/परीक्षा कैलेंडर प्रस्तुत नहीं कर सके। इसलिए खंडपीठ ने उन पर जुर्माना लगाया है। इसकी वसूली दोषी कुलपतियों के वेतन से की जाएगी। मामले में सुनवाई बुधवार को भी जारी है। बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय-मुजफ्फरपुर, मुंगेर विश्वविद्यालय और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के जवाबों की जांच की जाएगी।

Avinash Roy

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