Bihar

नीतीश का मोदी सरकार पर तीखा हमला, कहा – बिहार को मदद नहीं करती केंद्र, BJP के लोग बिगाड़ रहे माहौल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीब-गुरबा राज्यों के लिए केंद्र कुछ नहीं कर रहा। कहीं कुछ नहीं हो रहा, केवल झूठा प्रचार हो रहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली वाला कब क्या कर देगा ठिकाना है? हम छोड़ने वाले नहीं। पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में 183 नवनियुक्त उर्दू अनुवादकों व अन्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने यह बात कही। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो काफी आगे बढ़ जाते

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जो केंद्र से मिलना चाहिए था वह नहीं मिला। अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो हम काफी आगे बढ़ जाते।

मुख्य सचिव को नसीहत देते हुए केंद्र पर हमला

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बोल तो अच्छा लेते हैं पर उर्दू शिक्षकों की पूरे तौर पर बहाली नहीं कर पाए हैं। यह ठीक नहीं है। कृपा कर उर्दू पर ध्यान दीजिए। आज जो माहौल बनाया जा रहा उससे हमें कोई मतलब नहीं। केंद्र सरकार पर उन्होंने कहा कि दिल्ली वाला कब क्या कर देगा, ठिकाना है, पर हम नहीं छोड़ने वाले। सभी जगहों पर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति कराएं। वर्ष 2008 में ही हमने यह तय कर दिया था कि जितने भी स्कूल हैं, वहां उर्दू शिक्षकों की बहाली होनी चाहिए।

उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कम संख्या में केवल 183 उर्दू अनुवादक, सहायक उर्दू अनुवादक व निम्न वर्गीय लिपिक के पदों पर नियुक्त लोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। यह प्रक्रिया पहले आरंभ की गई है। वहीं सरकार ने उर्दू अनुवादकों व अन्य पदों के लिए 2247 पदों को स्वीकृति दी है। इनमें से 1294 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष बच गए 401 पदों पर भी नियुक्ति होगी।

मदरसों को बढ़ाने पर भी काम हो रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसों को बढ़ाने पर भी काम हो रहा। वर्तमान में 1942 मदरसे चल रहे हैं। सरकार केवल वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को ही पैसा नहीं देती, बल्कि भवन व अन्य मद में भी राशि देती है।

वक्फ बोर्ड जल्द जमीन उपलब्ध कराए

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में सरकार वक्फ बोर्ड की जमीन पर अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय खोल रही, पर वक्फ बोर्ड द्वारा स्कूल के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने में देरी कर रही है। वक्फ बोर्ड जमीन उपलब्ध कराने में शीघ्रता करे, ताकि विद्यालय का निर्माण कराया जा सके।

Avinash Roy

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