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NMCH अधीक्षक के निलंबन पर तेजस्वी यादव को आईएमए ने घेरा, बीजेपी ने डॉक्टरों के सुर में सुर मिलाया

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ बिनोद कुमार सिंह को बिना कारण बताओ नोटिस दिए निलंबित करने के सरकार के फैसले की आलोचना की है। शनिवार को नई दिल्ली में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह ने बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने अपने फैसले को रद्द नहीं किया तो निलंबन के खिलाफ मेडिकल एसोसिएशन कानूनी सहारा लेगा।

आईएमए बिहार यूनिट ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर डॉ बिनोद कुमार सिंह के निलंबन आदेश को रद्द करने की मांग की है। शनिवार को आईएमए, बिहार के अध्यक्ष डॉ डीएस सिंह व अन्य डॉक्टरों ने आईएमए भवन में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री से डॉ बिनोद सिंह को न्याय दिलाने की मांग की। डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टरों को प्रताड़ित किये जाने पर गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि डॉ सिंह ने NMCH में कोरोना काल से बेहतर कार्य किया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ बिनोद सिंह को निलबित कर दिया था। निलंबन के खिलाफ बोलते हुए IMA के डॉ सहजानंद सिंह ने कहा कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव को ऐसा नहीं करना चाहिए था। स्वास्थ्यमंत्री के साथ अस्पताल निरीक्षण पर गए अतिरिक्त मुख्य सचिव और अतिरिक्त सचिव को कम से कम मंत्री को सलाह देनी चाहिए थी कि उन्हें निलंबित करने से पहले डॉक्टर सिंह से स्पष्टीकरण मांगा जाए। एक राजपत्रित अधिकारी, जो प्रोफेसर और विभाग के प्रमुख (बाल रोग) के साथ-साथ अधीक्षक का प्रभार भी रखता है, को अपना पक्ष स्पष्ट करने का अवसर दिए बिना हटाया नहीं जा सकता है।

डॉ सहजानंद सिंह ने बताया कि मामले में स्वास्थ्य मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य विभाग), मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री सहित सरकार को पत्र लिखकर निलंबन के फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो आईएमए कानूनी समाधान की मांग करेगा।

डॉ बिनोद सिंह ने कहा उन्हें अधीक्षक पद की कोई लालसा नहीं है लेकिन अब जिस तरह से उन्हें हटाया गया है वह गलत, अनुचित और पूर्णतः असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने से पहले वे सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करेंगे।

शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के कई परिजनों ने तेजस्वी यादव से शिकायत की थी कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाजार से खरीदना पड़ रहा है। मंत्री भी यह देखकर हैरान रह गए कि डेंगू के मरीजों के एक ही वार्ड में गैर-डेंगू रोगियों को रखा गया था। जिसके बाद से तेजस्वी ने NMCH के अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। डॉ बिनोद सिंह ने इसपर जवाब देते हुए कहा है कि डेंगू के मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड होने पर भी मरीजों को नार्मल वार्ड में रखना गलती थी। लेकिन मरीजों को अलग करने की जिम्मेदारी दवा विभाग की थी।

मामले में डॉक्टरों की तरफदारी करते हुए बीजेपी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि तेजस्वी ने डॉक्टर बिनोद सिंह के परिजनों को अपशब्द कहे हैं उसके उसके लिए उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए। और तत्काल प्रभाव से निलंबन का निर्णय वापस लेना चाहिए। NMCH का निरीक्षण करने के लिए मंत्री के रूप में गए तेजस्वी केवल प्रोपोगेंडा करने गए थे। वह वहां फोटो खिंचवाने के लिए गए थे। एक समझदार और वरिष्ठ डॉक्टर को निलंबित करना बिल्कुल ही गलत है।

कोविड -19 का शिकार होने के बावजूद दो साल से अधिक समय तक महामारी के दौरान डॉ बिनोद सिंह ने उल्लेखनीय काम किया। अस्पताल के बुनियादी ढांचे की कमी के बावजूद उन्होंने हर तरीके से लोगों की मदद की। बीजेपी ने तेजस्वी और सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस मामले के बाद शासन की उनकी निरंकुश शैली लोगों के सामने आ गई है। भाजपा ने कार्रवाई को सरासर गलत बताया है।

स्वास्थ्य विभाग विभाग की वेबसाइट पर जारी किये गए सरकारी आदेश में कहा गया है कि डॉ सिंह को डेंगू के प्रभावी नियंत्रण में कथित चूक, अपने काम में लापरवाही, विभागीय निर्देशों की अवहेलना और प्रशासनिक क्षमता की कमी के लिए निलंबित किया गया है।

Avinash Roy

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