बिहार के गया के पूर्व एसएसपी आईपीएस आदित्य कुमार के साथ-साथ आदित्य कुमार के करीबी निलंबित एएसआई संजय कुमार की गिरफ्तारी में भी पटना पुलिस जुट गई है. पुलिस जल्द दोनों को गिरफ्तार करेगी. फिलहाल आदित्य कुमार और निलंबित एएसआई संजय कुमार फरार हैं. आईपीएस आदित्य कुमार पर अपने दोस्त के माध्यम से फर्जी चीफ जस्टिस बनवाकर डीजीपी को फोन करवाने का गंभीर आरोप है. वहीं दारोगा संजय कुमार पर औरंगाबाद के हिस्ट्रीशीटर गोल्डन दास को भगाने की कोशिश का आरोप है. औरंगाबाद पुलिस गोल्डन को गिरफ्तार करने पिछले महीने रूपसपुर थाने भी आई थी. उस दौरान संजय ने गिरफ्तारी में बाधा डाली थी, हालांकि उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.
वारंट लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में दी अर्जीः
दरअसल, पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने और उसे भगाने की कोशिश करने के आरोप में रूपसपुर थाने में औरंगाबाद पुलिस के एसपी प्रणव कुमार के बयान पर संजय कुमार पर एफआईआर दर्ज है. केस दर्ज होने के बाद से संजय कुमार फरार हैं. पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो की माने तो पुलिस संजय को गिरफ्तार करेगी. पुलिस ने वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है.
2009 बैच के दारोगा हैं संजयः
संजय कुमार 2009 बैच के दारोगा हैं. गया के फतेहपुर थाने में थानेदार आ चुके हैं. शराब कांड में संजय के खिलाफ इसी थाने में केस दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था और पोस्टिंग औरंगाबाद जिला पुलिस मुख्यालय में की गई थी. वहां रहने के दौरान भी संजय को वहीं के कुख्यात केसरिया को छिपाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. निलंबित होने के बाद संजय रूपसपुर में रह रहे थे.
आदित्य कुमार की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस कर रही मददः
गया के पूर्व एसएसपी आईपीएस आदित्य कुमार की गिरफ्तारी को लेकर पटना पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया है. उनकी गिरफ्तारी को लेकर दर्ज एफआइआर भी उन्हें मुहैया करवाई गई है. पटना पुलिस की मानें तो उनकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी अभियान चलाई जा रही है. हालांकि वह फरार चल रहे हैं, जिस वजह से उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है. पटना पुलिस की टीम उनके पैतृक आवास उत्तर प्रदेश भी जा चुकी है और अब उत्तर प्रदेश पुलिस से उनकी गिरफ्तारी को लेकर मदद मांगी गई है.
शराबबंदी कानून के उल्लंघन का मामला दर्जः
पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ गया के फतेहपुर थाना में शराबबंदी कानून का उल्लंघन कराने का मामला दर्ज है. दरअसल 2011 बैच के आईपीएस आदित्य कुमार गया के एसएससी हुआ करते थे. मुख्यमंत्री के आदेश पर गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ फतेहपुर थाने में उत्पाद अधिनियम की धारा 51 के तहत 312/2022 मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें थाना प्रभारी संजय कुमार और आदित्य कुमार अभियुक्त थे. आदित्य कुमार को दंड स्वरूप गया से हटाया गया. इसके बाद फोन करने के मामले में पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
आदित्य कुमार पर कई आरोप :
दरअसल, अभिषेक अग्रवाल ने डीजीपी को 22 अगस्त को पहला फोन किया था. डीजीपी द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के दिन तक उनसे बातचीत होती रही. 15 अक्टूबर को दोपहर 3:00 बजे एफआईआर दर्ज कराई गई थी. गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार का यह कोई पहला मामला नहीं है, जिसको लेकर उनपर आरोप लगा है. एसपी से लेकर एसएसपी तक के सफर के दौरान उनपर कई दफे आरोप लग चुके है.
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