Samastipur

जांच के लिए समस्तीपुर पहुंची केंद्रीय टीम, बिथान के सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं की शुरू की जांच

समस्तीपुर/बिथान : समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड के सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं को लेकर सामने आई शिकायतों की जांच के लिए केंद्र सरकार की टीम पहुंची। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय स्तर की निगरानी टीम ने पंचायत में संचालित विभिन्न मनरेगा योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन शुरू किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने योजनाओं से संबंधित अभिलेखों और मौके पर कराए गए कार्यों का मिलान किया। जांच की प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही।

स्कूल परिसर सहित कई योजना स्थलों का किया निरीक्षण

केंद्रीय टीम ने सोहमा उच्च विद्यालय परिसर समेत शिकायत में शामिल विभिन्न योजना स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर योजनाओं की स्थिति, निर्माण कार्य, मिट्टी भराई, निजी खेत पोखर, मजदूरी भुगतान, सूचना पट्ट, योजना से संबंधित तस्वीरों और अन्य दस्तावेजों की जानकारी ली। जांच का मुख्य उद्देश्य कागजों में दर्ज कार्य और धरातल पर मौजूद वास्तविक स्थिति का मिलान करना है। इसी क्रम में अधिकारियों ने अभिलेखों में दर्ज विवरण के आधार पर संबंधित योजना स्थलों का भौतिक सत्यापन किया।

केंद्रीय टीम के अनुसार, जांच की प्रक्रिया 2 सितंबर तक जारी रहने की बात कही गई है। इस दौरान शिकायत में शामिल पंचायत की अन्य मनरेगा योजनाओं का भी स्थल निरीक्षण और सत्यापन किया जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद टीम अभिलेखों, स्थल निरीक्षण और सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पूर्व जांच में 20 योजनाओं में त्रुटियों का दावा

सोहमा पंचायत की मनरेगा योजनाओं को लेकर पूर्व में भी शिकायत और जांच होने की बात सामने आई है। आवेदनकर्ता प्रमोद कुमार यादव की शिकायत के अनुसार, पूर्व की जांच में 34 योजनाओं में से 20 में त्रुटियां पाए जाने का उल्लेख किया गया था। इसके अलावा अपीलीय सुनवाई के बाद 18 लाख 16 हजार 187 रुपये की वसूली का आदेश दिए जाने का भी दावा किया गया है।

शिकायत में निजी खेत पोखर, जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान, लाभुकों की पात्रता, भूमि स्वामित्व, योजना के फोटो, जियो-टैगिंग और सामग्री खरीद समेत कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब केंद्रीय टीम की जांच पूरी होने के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय अथवा प्रक्रियागत अनियमितता हुई है या नहीं। फिलहाल 2 सितंबर तक चलने वाली इस जांच को लेकर पंचायत क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।

Avinash Roy

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