जिस हाथ में लगनी थी मेहंदी, उसे ही काटना पड़ा: अब अस्पताल ने कही मुआवजा देने की बात
शिवहर की रेखा के जिस हाथ पर मेहंदी सजनी थी, उसे काटना पड़ा। उसकी नवंबर में शादी थी। हाथ कटने की खबर जैसे ही लड़के को लगी, उसने शादी करने से मना कर दिया। पटना में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से उसके हाथ में इंफेक्शन फैल गया था। अब अस्पताल ने मुआवजा देने की बात कही है।
वह करीब 50 दिन पहले कान का इलाज कराने पटना के महावीर आरोग्य संस्थान में भर्ती हुई थी। वहीं एक नर्स ने गलत तरीके से उसके हाथ में इंजेक्शन लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि इंफेक्शन के कारण रेखा को अपना वह हाथ गंवाना पड़ा।
रेखा की इसी साल नवंबर माह में शादी थी। उसकी सगाई हो गई थी। शादी की तारीख अभी तय नहीं थी। अब इस वाकये के बाद लड़के वालों ने शादी से इंकार कर दिया है।

शुरू से जानते हैं, कब-क्या हुआ…
21 साल की रेखा शिवहर के तरियानी प्रखंड के तरियानी छपरा गांव की रहने वाली है। परिवार काफी गरीब है। पैसे की कमी है। उसके पिता भी मानसिक रूप से बीमार हैं। वह तीन भाई व तीन बहन है। तीन बहनों में रेखा सबसे छोटी है। उसके बाद एक भाई है।
कान का ऑपरेशन हुआ था
पटना के महावीर आरोग्य संस्थान में बीते 11 जुलाई को उसके कान का ऑपरेशन हुआ था। 12 जुलाई की रात इसी अस्पताल की एक नर्स ने गलत ढंग से बांह में सूई लगा दी। इससे उसके पूरे हाथ में संक्रमण फैल गया। हाथ धीरे-धीरे फूलने लगा। बदबू आने लगी।

परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की। इसके बाद इलाज किया गया और उसे पटना के ही IGIMS भेज दिया गया। वहां के डॉक्टरों ने हाथ में इंफेक्शन होने के कारण उसे काटने की बात कही। यह सुनते ही रेखा सहित सभी परिजन चिंतित हो गए।
रेखा की चचेरी बहन सुप्रिया के अनुसार परिवार ने वहां से लौटकर फिर से महावीर आरोग्य संस्थान के उच्च अधिकारियों से बात की। उन्होंने उसे दिल्ली एम्स जाने की सलाह दी। कुछ रुपए और हवाई टिकट का इंतजाम कराया। वे लोग रेखा को लेकर दिल्ली एम्स गए। वहां भी डॉक्टरों ने हाथ काटने की सलाह दी। लेकिन रुपयों के अभाव में वहां इलाज नहीं करा सके। फिर लौटकर पटना चले आए।
पटना में इस बार सभी PMCH पहुंचे, लेकिन वहां ऑपरेशन से इनकार कर दिया गया। थकहार कर 14 अगस्त को पटना के ही एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका हाथ काट कर जान बचाई।
अस्पताल ने मानी गलती, कृत्रिम हाथ लगाने और मुआवजा देने की बात कही
मामला सामने आने के बाद पटना हाईकोर्ट के कुछ वकीलों ने रेखा का साथ देते हुए पूरी घटना की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोशिएशन को भी जानकारी दी गई।

इसके बाद महावीर आरोग्य संस्थान का प्रबंधन हरकत में आया और इलाज में अपनी गलती मानते हुए रेखा का हरसंभव मदद करने की बात कही। अस्पताल की ओर से कहा गया कि रेखा को कृत्रिम हाथ लगाया जाएगा। साथ में उसे उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।




