मौसम में बदलाव से बढ़ीं मौसमी बीमारियां, समस्तीपुर सदर अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी

समस्तीपुर : सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर में तेज धूप के कारण मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, जुकाम और दस्त समेत कई मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सदर अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ के पास इलाज कराने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को भी करीब 800 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक बताई जा रही है।
मौसम में बदलाव के कारण दमा, सांस लेने में परेशानी और निमोनिया से पीड़ित मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। सदर अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नागमणि ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव होने पर बच्चों का शरीर मौसम के अनुसार तुरंत सामंजस्य नहीं बिठा पाता है। जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनके संक्रमण की चपेट में आने की आशंका अधिक रहती है।

अस्पताल पहुंच रहे बच्चों में बुखार, खांसी, नाक बहने और सांस लेने में हल्की परेशानी जैसी शिकायतें मिल रही हैं। पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों में वायरल संक्रमण के मामले अधिक देखे जा रहे हैं। खासकर स्कूल से लौटने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
चिकित्सक डॉ. सैयद मैराज ने बताया कि तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के कारण वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, जुकाम, सिरदर्द, कान दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इन समस्याओं के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। मरीजों की जांच के बाद आवश्यक उपचार किया जा रहा है और अस्पताल में उपलब्ध दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय नाक और कान ढकने, बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाने तथा मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने की सलाह दी। तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील भी की।

दस्त और सांस संबंधी परेशानी के मरीज भी बढ़े :
ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, दस्त और लूज मोशन से पीड़ित मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। डिहाइड्रेशन और दस्त से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, मौसम में बदलाव के कारण दमा, सांस फूलने और निमोनिया से पीड़ित मरीजों की परेशानी भी बढ़ रही है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों को चिकित्सकों की सलाह पर वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ने की बात सामने आ रही है। वायरल फीवर, सर्दी और खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अस्पताल में इन बीमारियों से संबंधित मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन करीब 100 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।

सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी, खांसी, बुखार और दस्त जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण संक्रमण का खतरा भी अधिक रहता है। ऐसे में परिजनों को उनके स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने ठंडे पानी और बासी भोजन से परहेज करने, पीने के लिए स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने तथा शरीर को मौसम के अनुरूप ढककर रखने की सलाह दी। साथ ही, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। डॉ. कुमार ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत में कोई असामान्य बदलाव दिखने पर खुद से दवा देने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है, इसलिए समय पर जांच और उचित उपचार जरूरी है।


