जमशेदपुर में 33 करोड़ के सोना व 42 लाख नगद लूटकांड में समस्तीपुर में झारखंड STF की छापेमारी

समस्तीपुर : झारखंड के जमशेदपुर में गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक में विगत 24 सितंबर को दिनदहाड़े अपराधियों द्वारा करीब 42 लाख रुपये नगद और लॉकर में रखा करीब 24 किलो सोना लूट मामले की जांच में झारखंड एसआईटी समस्तीपुर पहुंची। बताया गया है कि सीसीटीवी और मोबाईल सर्विलांस के आधार पर झारखंड एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जिले के विभूतिपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की। लूट के आभूषणों की कीमत करीब 33 करोड़ रुपये आंकी गयी है। हालांकि इस दौरान पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
बताया गया है कि समस्तीपुर के रहने वाले कुछ युवक भी इस घटना में शामिल हैं। हालांकि समस्तीपुर पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। इधर झारखंड एसटीएफ की टीम द्वारा विभूतिपुर थाना क्षेत्र के बोरीया गांव से एक संदिग्ध को उठाया गया है। बताया गया है कि जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी झारखंड पुलिस छापेमारी कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

फुटेज में दिखे पांचों बदमाश, प्रत्येक पर 2 लाख का इनाम :
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कैद पांचों बदमाशों की तस्वीर झारखंड पुलिस ने जारी की है। उनकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद करने के लिए झारखंड पुलिस ने प्रत्येक बदमाश पर 2 लाख का इनाम घोषित भी किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों के भागने के पूरे रास्ते और संभावित ठिकानों की कड़ियां जोड़ रही है। इसमें पुलिस को सुराग मिला है की गिरोह के कुछ सदस्य समस्तीपुर भी पहुंचे हैं। बता दें कि जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में 24 सितंबर को हथियारबंद बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया। बैंक खुलने के कुछ ही देर बाद हथियारबंद 5-6 अपराधी बैंक में घुस गए। उन्होंने बैंककर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर लूटपाट की। बदमाशों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई है।

बैंक-ज्वेलरी लूट में पहले भी सामने आता रहा है समस्तीपुर कनेक्शन :
बैंक और ज्वेलरी शोरूम में होने वाली बड़ी लूट की घटनाओं की जांच के दौरान समस्तीपुर जिले के अपराधियों का नाम पहले भी सामने आता रहा है। पुलिस की जांच में कई बार जिले के अपराधियों के दूसरे जिलों और प्रदेश में सक्रिय गिरोहों से जुड़े होने की बात सामने आती रही है। ऐसे मामलों में अपराधियों के स्थानीय संपर्क होने से इंकार भी नहीं किया जा सकता।



