समस्तीपुर : गंगा व वाया के जलस्तर में मामूली गिरावट, कम नहीं हो रही लोगों की परेशानी

समस्तीपुर : गंगा एवं वाया नदी के जलस्तर में पिछले कुछ घंटों से मामूली गिरावट दर्ज होने के बावजूद दियारांचल के लोगों की चिंता कम नहीं हो रही है। जलस्तर में गिरावट की रफ्तार बेहद धीमी रहने से बाढ़ प्रभावित लोगों में अब भी संशय बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि यदि नदी के जलस्तर में इसी तरह मामूली कमी होती रही तो प्रभावित इलाकों से पानी निकलने में काफी समय लग सकता है। जलजमाव से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को होने की चिंता लोगों को सता रही है।
सरारी स्थल स्थित गंगा घाट पर पिछले 12 घंटे के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में महज पांच सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। जलस्तर में मामूली कमी को देखते हुए दियारांचल के लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। पूर्व से प्रभावित गांव में बाढ़ का पानी अब भी घरों, सड़कों और खेतों में जमा है। पानी की धीमी निकासी के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए नाव अथवा अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।


दियारांचल के पतसिया, सुलतानपुर, कुरसाहा, हरैल, चापर, आनंदगोलवा सहित दर्जनों अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। जलस्तर में गिरावट शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही बाढ़ के पानी से राहत मिलेगी, लेकिन गिरावट की धीमी गति ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर भले ही नीचे जा रहा है, लेकिन जमीन पर इसका असर फिलहाल बहुत कम दिखाई दे रहा है।

दुबहा पंचायत के विभिन्न गांव मे बाढ़ पीड़ित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए मोहिउद्दीननगर प्रशासन की ओर से पंचायत में आधे दर्जन से अधिक स्थानों पर सामुदायिक किचेन का संचालन किया जा रहा है। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए नियमित रूप से भोजन तैयार कर उपलब्ध कराया जा रहा है। सामुदायिक किचेन का किया जा रहा संचालन: मोहनपुर। प्रखंड क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच भोजन वितरण का कार्य तेज कर दिया गया है। बुधवार तक प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर 05 सामुदायिक रसोई घर का संचालन शुरू कर दिया गया है। इन किचेन में बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिली है।



