8 सूत्री मांगों को लेकर NSUI ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

समस्तीपुर : जिले में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और जनसरोकार के मुद्दों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने गुरुवार को जिला पदाधिकारी को आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष राजन कुमार वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में संगठन ने ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ योजना के तहत जिले में बनने वाले 20 प्रखंड स्तरीय मॉडल स्कूलों के नामकरण पर आपत्ति जताई। एनएसयूआई ने मांग की कि स्कूलों का नामकरण भूमि दाताओं अथवा जननायक कर्पूरी ठाकुर, डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे राष्ट्रनिर्माताओं के नाम पर किया जाए। साथ ही सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार के वैचारिक या धार्मिक प्रभाव से शिक्षा व्यवस्था को मुक्त रखने की मांग की।


संगठन ने समस्तीपुर कॉलेज के परीक्षा भवन पर निर्वाचन आयोग के प्रशासनिक कब्जे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके कारण कक्षाओं में परीक्षाएं आयोजित करनी पड़ रही हैं, जिससे नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परीक्षा भवन को जल्द खाली कराने की मांग भी की गई।
एनएसयूआई ने जिले में बिहार कोचिंग संस्थान अधिनियम को सख्ती से लागू कर निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर रोक लगाने, ऑटो व ई-रिक्शा का प्रति किलोमीटर के आधार पर किराया निर्धारित करने तथा मुक्तापुर गुमटी ओवरब्रिज निर्माण स्थल पर जाम व दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस बल की स्थायी तैनाती या सीसीटीवी आधारित ऑनलाइन चालान व्यवस्था लागू करने की मांग की।

इसके अलावा अतिक्रमण हटाओ अभियान से प्रभावित ठेला व फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग एक्ट के तहत स्थायी वेंडिंग जोन बनाने तथा पटेल मैदान में निजी अकादमियों द्वारा खेल प्रशिक्षण के नाम पर शुल्क वसूली बंद कराने की भी मांग की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव अंशु ने कहा कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर संगठन जनहित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान बीएचयू छात्रनेता अमन राय, सचिन कुमार, राजू जाटव, आर्यन कुमार एवं सुमित कुशवाहा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।




