इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर नहीं जा सकेंगे डॉक्टर, दूसरे डॉक्टर के आने तक रहना होगा अस्पताल में, रेफर करना भी नहीं होगा आसान, आदेश जारी…

समस्तीपुर : सदर अस्पताल में मरीजों को इलाज के दौरान परेशानी नहीं हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब कोई भी डॉक्टर अपने स्थान पर आने वाले दूसरे डॉक्टर के ड्यूटी संभालने से पहले अस्पताल छोड़कर नहीं जा सकेंगे। सदर अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में सभी डॉक्टरों को आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अक्सर देखा जाता है कि कुछ डॉक्टर अपनी ड्यूटी पूरी होने से पहले ही चले जाते हैं। इससे मरीजों के इलाज में देरी होती है और अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित होती है।
अधीक्षक ने कहा है कि खासकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अपने प्रतिस्थानी डॉक्टर के आने तक ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। यदि कोई डॉक्टर बिना दूसरे डॉक्टर के आए ड्यूटी छोड़ते है तो इसे गंभीर मामला माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।अस्पताल प्रशासन ने सभी डॉक्टरों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों को बिना रुकावट इलाज की सुविधा मिल सके।


अब मरीजों को रेफर करने के लिए देना होगा ठोस कारण :
सदर अस्पताल से रेफर किए जाने वाले मरीजों की निगरानी और रेफरल प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सदर अस्पताल के अधीक्षक ने सभी विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारियों और चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए रेफर आउट रजिस्टर में प्रत्येक मरीज का संपूर्ण विवरण और रेफर करने का स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में स्वास्थ्य विभाग, बिहार के सचिव के निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी मरीज को रेफर करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित चिकित्सा सुविधा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। यदि सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को रेफर किया जाता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख रेफर आउट रजिस्टर में किया जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि रेफर किए जाने वाले मरीज की पेशेंट जर्नी का पूरा विवरण दर्ज करते हुए उसकी कंप्यूटरीकृत प्रति मरीज को उपलब्ध कराई जाए।

आकस्मिक स्थिति में मरीज को रेफर करने के लिए अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मरीज को पहले स्टेबलाइज कर एएलएसए या बीएलएसए एंबुलेंस से भेजने का भी निर्देश दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने सभी डॉक्टरों से रेफर आउट रजिस्टर को साफ-सुथरे और स्पष्ट तरीके से भरने को कहा है, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की समीक्षा के दौरान रेफर करने के कारणों और परिस्थितियों की पूरी जानकारी उपलब्ध हो सके। बता दें कि सात निश्चय-3 के तहत संचालित सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन कार्यक्रम के अंतर्गत सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।




