सालों से फॉर्म ही भरवा रहे, परीक्षा नहीं ले रहे; अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूटा तो BSSC दफ्तर में जड़ दिया ताला

बिहार कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि आयोग पिछले तीन वर्षों से बिहार इंटरमीडिएट, बीएसएससी सीजीएल-4 और बीएसओ समेत विभिन्न भर्तियों के लिए केवल आवेदन भरवा रहा है, लेकिन अब तक परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं। इससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। आयोग को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। सीएम सम्राट चौधरी सरकार से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और हमारी समस्या का समाधान करें।
गुस्साए अभ्यर्थियों ने मेन गेट पर जड़ा ताला
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने बीएसएससी दफ्तर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया और सरकार व आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना था कि लंबे समय से परीक्षा नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों की उम्र और तैयारी दोनों प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी कर सभी लंबित परीक्षाएं कराने तथा उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन के कारण कुछ देर तक आयोग कार्यालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।


लंबित परीक्षाओं को जल्द कराने की मांग
छात्र नेता सौरव कुमार ने कहा कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की ओर से जारी भर्तियों का अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वैकेंसी निकाली गईं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं कराई गईं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी बिहार इंटरमीडिएट (10+2), BSSC CGL-4 और BSO की लंबित परीक्षाएं जल्द कराने के साथ-साथ संविदा कर्मियों को नियुक्ति में वेटेज देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

सौरव कुमार ने कहा, “सरकार पिछले तीन वर्षों से सिर्फ आवेदन भरवा रही है, लेकिन परीक्षाएं नहीं करा रही है। इसी के विरोध में आज हम सभी अभ्यर्थी बिहार कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।”



