एक्सप्रेस-वे एलाइनमेंट बदलने के विवाद के बीच भाकपा-माले की छात्र विंग AISA ने किया KSR काॅलेज का निरीक्षण
समस्तीपुर/सरायरंजन : पटना–पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेंट में बदलाव से सरायरंजन स्थित केदार संत रामाश्रय (केएसआर) महाविद्यालय एवं इंटर कॉलेज के अस्तित्व पर खतरा मंडराने का आरोप लगाते हुए आइसा के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को कॉलेज परिसर और प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने किया। टीम में कार्यालय सचिव राजू झा और सह सचिव नीतीश राणा शामिल थे।
निरीक्षण के बाद आइसा नेताओं ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के नए एलाइनमेंट के कारण प्रखंड के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में शामिल केएसआर कॉलेज गंभीर संकट में पड़ गया है। संगठन के अनुसार कॉलेज और इंटर कॉलेज में करीब छह हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा संस्थान लगभग पांच से छह बीघा भूमि में फैला हुआ है। आरोप है कि नए प्रस्तावित मार्ग के तहत करीब साढ़े तीन बीघा जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिससे इंटर कॉलेज पूरी तरह समाप्त हो सकता है और डिग्री कॉलेज का भी अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यदि एक्सप्रेस-वे कॉलेज परिसर से होकर गुजरता है तो शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार यातायात, शोर और प्रदूषण के कारण छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उनका कहना था कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण घनी आबादी, बाजार और महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों से दूर कम प्रभावित क्षेत्रों से किया जाना चाहिए।
कार्यालय सचिव राजू झा ने स्थानीय विधायक एवं उपमुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दक्षिण स्थित पूर्व सर्वेक्षण स्थल पर ही एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाए, ताकि शिक्षण संस्थान, स्थानीय आबादी और दुकानों को नुकसान से बचाया जा सके।
आइसा नेताओं ने आरोप लगाया कि एलाइनमेंट में बदलाव के कारण कॉलेज के अलावा सैकड़ों घर और दुकानें भी एक्सप्रेसवे की जद में आ जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मार्ग परिवर्तन कुछ प्रभावशाली लोगों की जमीन बचाने के लिए किया गया है। आइसा ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से नए एलाइनमेंट पर पुनर्विचार करने तथा पूर्व निर्धारित सर्वेक्षण स्थल पर ही एक्सप्रेस-वे निर्माण कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर केएसआर कॉलेज को बचाने के लिए व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

