समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

SamastipurNEWS

समस्तीपुर में युवा मोबाइल और बाइक की चाहत में हो रहे कर्जदार, EMI का कारोबार 40 करोड़ के पार

IMG 20260212 WA0118

समस्तीपुर जिले में आधुनिक गैजेट्स, ब्रांडेड उत्पादों और नई बाइकों की बढ़ती चाहत ने युवाओं की खरीदारी की आदतों को बदल दिया है. आसान ईएमआई सुविधा के चलते अब बड़ी संख्या में युवा बिना पर्याप्त बचत के महंगे सामान खरीद रहे हैं. जिले में ईएमआई आधारित कारोबार 40 करोड़ रुपये मासिक के आंकड़े को पार कर चुका है, जबकि वित्तीय विशेषज्ञ बढ़ते कर्ज के खतरे को लेकर चेतावनी दे रहे हैं.

हर दिन 350 से 500 लोग खरीद रहे सामान किस्तों पर

वित्तीय कंपनियों और बाजार से जुड़े कारोबारियों के अनुसार समस्तीपुर जिले भर में प्रतिदिन करीब 350 से 500 उपभोक्ता ईएमआई के जरिए मोबाइल, लैपटॉप, बाइक और अन्य उत्पाद खरीद रहे हैं. कुछ साल पहले तक सीमित रहने वाली यह सुविधा अब जिले के अधिकांश बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है.

15 करोड़ से बढ़कर 40 करोड़ रुपये पहुंचा कारोबार

जानकारों के मुताबिक वर्ष 2016 के आसपास जिले में ईएमआई आधारित कारोबार लगभग 15 करोड़ रुपये मासिक था. लेकिन आसान ऋण प्रक्रिया, कम दस्तावेजी औपचारिकताओं और त्वरित स्वीकृति के कारण अब यह बढ़कर 40 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. त्योहारी सीजन और ऑनलाइन सेल के दौरान इसमें और तेजी देखने को मिलती है.

HOLY MISSION High School 20x10 1

paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

स्मार्टफोन बना युवाओं की पहली पसंद

दुकानदारों का कहना है कि ईएमआई पर सबसे अधिक बिक्री स्मार्टफोन की हो रही है. इसके अलावा टैबलेट, लैपटॉप, एलईडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन, फर्नीचर और दोपहिया वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. 15 हजार से 80 हजार रुपये तक का ऋण आसानी से उपलब्ध होने के कारण युवा वर्ग आकर्षित हो रहा है.

छात्रों में भी बढ़ रहा किस्तों पर खरीदारी का चलन

कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी महंगे मोबाइल और लैपटॉप ईएमआई पर खरीद रहे हैं. कई युवा अपनी आय या पारिवारिक बजट का पूरा आकलन किए बिना ही किस्तों के जाल में फंसते जा रहे हैं.

IMG 20240904 WA0139

बढ़ रहा ईएमआई का बोझ, जब्ती तक पहुंच रहे मामले

वित्तीय क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार हर महीने ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जहां ग्राहक समय पर किस्त जमा नहीं कर पाते. इसके बाद फाइनेंस कंपनियां मोबाइल, टीवी, बाइक और अन्य वित्तपोषित सामानों की जब्ती की कार्रवाई भी करती हैं. कई लोगों पर एक साथ दो या तीन ईएमआई चलने से आर्थिक दबाव बढ़ रहा है.

सोशल मीडिया और दिखावे की संस्कृति का असर

समाजशास्त्रियों का मानना है कि सोशल मीडिया, डिजिटल विज्ञापन और बदलती जीवनशैली ने युवाओं में ब्रांडेड और आधुनिक उत्पादों की चाहत को बढ़ा दिया है. कई बार सामाजिक प्रतिष्ठा और दिखावे की भावना भी लोगों को अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित करती है.

FB ADD scaled

विशेषज्ञों ने दी जिम्मेदार उधारी की सलाह

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ईएमआई सुविधा अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन बिना योजना के लगातार ऋण लेना आर्थिक तनाव का कारण बन सकता है. बैंक कर्मी विजय कुमार के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुल मासिक ईएमआई उसकी आय के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. इससे घरेलू बजट संतुलित रहता है और भविष्य में आर्थिक संकट की संभावना कम होती है.

वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि समस्तीपुर जिले में बढ़ते ईएमआई कारोबार के साथ-साथ लोगों को वित्तीय प्रबंधन और जिम्मेदार उधारी के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है. ताकि सुविधा के साथ आर्थिक अनुशासन बना रहे और युवा कर्ज के बढ़ते बोझ से बच सकें.

IMG 20250821 WA0010

IMG 20260516 WA0116

20201015 075150