सरकारी नौकरी के नाम पर सैकड़ों युवाओं से ठगी कर बंधक बनाने का आरोप, शहर के अलग-अलग हिस्सों में भाड़े के मकान में हाउस अरेस्ट हैं सैकड़ों युवक-युवती

समस्तीपुर : कृषि समेत अन्य विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दूर-दराज से आने वाले युवक-युवतियों से ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आयुर्वेदिक नेटवर्किंग कंपनी के नाम पर ठगी, बंधक बनाने और शोषण करने के आरोप में नगर थाना क्षेत्र के भोला टॉकीज गुमटी स्थित कालिका काम्प्लेक्स में बीते कुछ-कुछ समय पर हंगामा होते रहता है। गुरुवार को भी लखनऊ के रहने वाले राॅनित कुमार नामक एक युवक ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
लखनऊ के युवक ने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर बुलाए गए अभ्यर्थियों को बाद में नेटवर्किंग मार्केटिंग कंपनी से जोड़ने का दबाव बनाया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर बंधक बना लिया जाता है व उसके सर्टिफिकेट को भी जब्त कर लिया जाता है। इसके बाद ब्लैकमेल कर अभ्यर्थियों से अपने जान-पहचान के लोगों को भी सरकारी नौकरी के नाम पर बुलाने और बंधक बनाने का खेल वर्षों से चल रहा है, लेकिन पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

कुछ महीनों पूर्व भी जहानाबाद से आए रितेश कुमार नामक एक युवक ने खुद को फंसता देख जहानाबाद में अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद दूर के एक रिश्तेदार को भी सूचना दी गयी जो समस्तीपुर में फार्मासिस्ट का काम करते हैं। इसके बाद उक्त फार्मासिस्ट अपने दोस्तों के साथ पहुंच जहानाबाद के युवक को बाहर निकाला। युवक का आरोप था कि उससे कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 हजार रुपये लिए गए थे। समस्तीपुर पहुंचने पर उसे बताया गया कि यह कोई सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि नेटवर्किंग मार्केटिंग का काम है। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस परिसर में पहले भी कई बार बाहर से आए युवक-युवतियों को देखा गया है। बीते अंतराल पर यहां हमेशा हो-हंगामा होते रहता है, लेकिन पुलिस तक मामला पहुंचने तक इसको रफा-दफा करवा दिया जाता है। बताया जा रहा है कि ठगी का यह नेटवर्क काफी बड़ा है। यहां बिहार के अलावे अन्य प्रदेशों के युवक-युवतियों को भी रखा गया है। इन्हें शहर के ही अलग-अलग हिस्सों में भाड़े के मकान में बंधक बनाकर रखा जाता है व शोषण भी किया जाता है।

बताया गया है कि नौकरी के नाम पर युवाओं को समस्तीपुर बुलाकर पहले उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक हजार रुपये और फिर नौकरी पक्की कराने के नाम पर 25 हजार रुपये की रकम वसूली जाती है, फिर उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाकर उन्हें फंसाया जाता था। पहले कुछ महीने उन्हें ऐसे रखा जाता है की अभ्यर्थियों को शक ना हो। लेकिन बाद में उन्हें किसी अज्ञात जगह हाउस अरेस्ट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है व अन्य सगे-संबंधी और दोस्तों को भी फोन कर नौकरी का झांसा देकर बुलाने के लिये दबाव दिया जाता है। जिसकी पहुंच और पैरवी है वह तो बचकर यहां से निकल जा रहे है, लेकिन गरीब घर के लड़के व लड़कियों को अब भी हाउस अरेस्ट रखा गया है। ऐसा नहीं है कि समस्तीपुर जिले का ही यह पहला मामला है। बिहार के अलग-अलग जिलों में ऐसे मामले पहले भी उजागर हो चुके हैं। बावजूद इसके समस्तीपुर में यह धंधा आसानी से फल-फूल रहा है।

अलग-अलग मकानों में सैकड़ों युवक-युवती को रखा गया है बंधक :
इस जाल से बचकर निकली एक युवती ने बीते वर्ष 15 सितंबर को एसपी अरविंद प्रताप सिंह के जनता दरबार में पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत भी की थी। सारण जिले के मशरक की रहने वाली युवती ने बताया था कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मकानों में युवक-युवतियों को बंधक बनाकर रखा जाता है। शहर के धरमपुर, दुधपुरा, पंजाबी कॉलोनी, मूसापुर सहित अन्य इलाकों में ऐसे मकान है जहां सैकड़ों युवा हाउस अरेस्ट हैं। एसपी से हुई शिकायत के बावजूद पुलिस के द्वारा आरोपों की पड़ताल नहीं की गयी। इस संबंध में नगर थाना की अपर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि उन्हें अभी इसकी जानकारी हुई है। अगर ऐसा कोई धंधा चल रहा है तो उसे बंद कराया जाएगा। पीड़ित युवक-युवतियों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
एक पीड़ित ने वीडियो बनाकर किया वायरल :

