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समस्तीपुर में भीषण गर्मी ने लोगों को झुलसाया, डिहाइड्रेशन व बुखार के बढ़े मरीज, इमरजेंसी वार्ड में लगा AC बना शो-पीस

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समस्तीपुर : जिले में विगत कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तेज धूप, उमस और लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोग बीमार हो जा रहे हैं। सदर अस्पताल में 20 फीसदी हीट वेव के मरीज बढ़े है। विगत एक सप्ताह से सदर अस्पताल में रोज हाइपरथर्मिया के औसतन आधा दर्जन के करीब मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी व डिहाइड्रेशन के कारण सबसे अधिक बच्चे हाइपरथर्मिया के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों से घरों में रहने के साथ ही पर्याप्त पेय पदार्थ लेते रहने की सलाह दी है।

सदर अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण लोगों का शरीर तापमान नियंत्रित नहीं कर पा रहा है। ऐसे में कमजोरी, चक्कर, तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने लोगों से दोपहर की तेज धूप से बचने और अधिक मात्रा में पेय पदार्थ लेने की अपील की है। डीएस ने बताया कि हाइपरथर्मिया ऐसी स्थिति है जब शरीर का तापमान सामान्य स्तर से अधिक बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा रखने में असमर्थ हो जाता है।

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सामान्य रूप से शरीर का तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस रहता है। लेकिन अत्यधिक गर्मी, उमस और लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर तेजी से गर्म होने लगता है। माध्यम से तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता, तब हाइपरथर्मिया की स्थिति बनती है। इसके शुरुआती लक्षणों में अत्यधिक पसीना आना, थकान, बेचैनी, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी शामिल हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति हीट स्ट्रोक का रूप ले सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।

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सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों में कई ऐसे लोग भी हैं जो लंबे समय तक खेतों, निर्माण स्थलों और सड़कों पर काम करते हैं। तेज धूप में अधिक श्रम करने से उनके शरीर में पानी और लवण की कमी हो रही है। इससे अचानक कमजोरी और बेहोशी की शिकायत बढ़ रही है। डॉक्टर ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर सबसे अधिक पड़ रहा है। बच्चों का शरीर तापमान नियंत्रित करने में कमजोर होता है। तेज गर्मी और उमस के कारण उनमें डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, बुखार और चिड़चिड़ापन की शिकायत बढ़ रही है। स्कूल या कोचिंग जाने वाले बच्चों को धूप के कारण सिरदर्द और थकान महसूस हो रही है। इसलिए खासकर छोटे बच्चों को धूप में बाहर न निकलने दें।

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इमरजेंसी वार्ड में एसी बंद, भीषण गर्मी में मरीज बेहाल :

सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एसी बंद रहने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी के बीच इलाज करा रहे मरीज व इनके परिजन पंखों के सहारे रात-दिन गुजारने को मजबूर हैं। पिछले दिनों से इमरजेंसी वार्ड का एसी बंद पड़ा है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है। उमस व गर्मी के कारण मरीजों की हालत और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। सरायरंजन के एक मरीज के परिजन अमर कुमार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन गंभीर मरीजों की सुविधा को लेकर गंभीर नहीं है। मरीज गर्मी से परेशान हैं, वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के लिए अलग से एसी- कूलर लगाया गया है।

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