मोकामा के कुख्यात सोनू-मोनू के घर सर्च से पहले तलाशी देने वाले दो थानाध्यक्ष निलंबित, पटना SSP की बड़ी कार्रवाई

पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में 23 मई 2026 की शाम करीब 06:00 बजे एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दरअसल, सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच उपजे विवाद में गोलीबारी (गोलीकांड) की घटना घटी, जिसके बाद पंचमहला थाना कांड सं०-46/2026 दर्ज किया गया। इस मामले के अनुसंधान, नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी और घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और पड़ोसी हाथीदह थाना के अध्यक्ष रंजन कुमार की संयुक्त टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान परिजनों का विरोध और वीडियो वायरल
पुलिस की टीम जब अभियुक्त के घर छापेमारी करने पहुंची, तो नामजद दोनों आरोपी वहां से पहले ही फरार पाए गए। इस दौरान वहां मौजूद आरोपियों के परिजनों ने न सिर्फ पुलिस की तलाशी का कड़ा विरोध किया, बल्कि पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी बना लिया जो अगले ही दिन 24 मई की सुबह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में एक चौंकाने वाला नजारा सामने आया, जिसमें वहां उपस्थित एक महिला द्वारा इस कांड के आरोपी सोनू कुमार के भाई और कुख्यात अपराधी मोनू कुमार से पंचमहला थानाध्यक्ष की फोन पर बात कराई जा रही थी। इसके अलावा, पुलिसकर्मी वहां मौजूद कुछ नागरिकों के समक्ष खुद कतारबद्ध होकर अपनी तलाशी देते हुए घर में प्रवेश करते नजर आए।

अपराधियों के सामने झुकी पुलिस, आम जनता में छवि धूमिल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाया गया है। दस्तावेज़ के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि पुलिस द्वारा एक वांछित कुख्यात अपराधी के घर छापेमारी करने के दौरान भीड़ के सामने उससे फोन पर विचार-विमर्श करना और खुद पुलिसकर्मियों द्वारा पंक्तिबद्ध होकर अपनी तलाशी देना बेहद आपत्तिजनक माना गया। आदेश में साफ कहा गया है कि पुलिस के इस रवैए से आम जनमानस में पुलिस की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। पुलिसिया कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे जनता में विश्वास और अपराधियों में भय व्याप्त हो, लेकिन इन अधिकारियों की कार्रवाई में कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता साफ दिखाई दी।

एसएसपी पटना का बड़ा एक्शन: दोनों थानाध्यक्ष तत्काल प्रभाव से निलंबित
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़-1 के प्रतिवेदन (रिपोर्ट) के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पटना ने त्वरित और बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस मामले में दोषी पाते हुए पंचमहला थानाध्यक्ष पु०अ०नि० कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष पु०अ०नि० रंजन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय ‘नवीन पुलिस केन्द्र, पटना’ तय किया गया है और उन्हें केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ ‘प्रपत्र-क’ का गठन कर विभागीय स्पष्टीकरण की मांग करने का आदेश भी जारी किया गया है।



