समस्तीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, यह 10 गांव बनेंगे ‘मॉडल सोलर ग्राम’

समस्तीपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा सभी 20 प्रखंडों से एक-एक गांव का प्रस्ताव मंगाया गया है। अब इन 20 गांवों में से 10 गांवों का चयन कर उन्हें मॉडल सोलर ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित गांवों में घर-घर तक सौर ऊर्जा आधारित बिजली सुविधा पहुंचाने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया, सरकारी अनुदान और इसके फायदे की जानकारी भी दी जाएगी। सरकारी भवनों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था विकसित करने की योजना है।
कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित गांवों में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को बिजली बिल में राहत मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में अन्य गांवों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मानी जा रही है। इसके तहत लोगों को घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है। एक किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सोलर सिस्टम पर अलग-अलग दर से सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली उपयोग करने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी ले सकते हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि मॉडल सोलर ग्राम बनने से गांव ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे तथा हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

इन गांवों का भेजा गया है प्रस्ताव :
समस्तीपुर प्रखंड से केवस निजामत, उजियारपुर से नाजिरपुर, कल्याणपुर से ध्रुबगामा, पूसा से शेखोपुर, ताजपुर से श्रीचंद्रपुर कोठिया, खानपुर से रेवड़ा, वारिसनगर से माधोपुर, दलसिंहसराय से अजनौल, विद्यापतिनगर से मऊ, सरायरंजन से लटबसेपुरा, मोरवा से उमैदपुर, मोहिउद्दीननगर से मदुदाबाद, मोहनपुर से मोहनपुर डीह, पटोरी से जोरपुरा, विभूतिपुर से बोरिया, शिवाजीनगर से डुमरा मोहन, सिंघिया से जहागीरपुर, रोसड़ा से मुरली, हसनपुर से रजवा तथा बिथान से बेलसंडी गांव का प्रस्ताव भेजा गया है।




