LHB कोच के साथ चलेगी जनसेवा एक्सप्रेस, यात्रियों को मिलेगा बेहतर सफर का अनुभव

रेल यात्रियों के लिए मुजफ्फरपुर और भागलपुर के बीच चलने वाली 13419/13420 जनसेवा इंटरसिटी एक्सप्रेस अब आधुनिक एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) रैक के साथ संचालित की जाएगी। यह नया बदलाव आगामी 16 मई से लागू होगा। इस ट्रेन का ठहराव समस्तीपुर जंक्शन पर भी होता है, जिससे जिले के यात्रियों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
कोच संरचना में भी हुआ बदलाव
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एलएचबी रैक लागू होने के बाद भी ट्रेन में कुल कोचों की संख्या 19 ही बनी रहेगी। हालांकि, संरचना में कुछ बदलाव किए गए हैं। पहले जहां ट्रेन में दो गार्ड सह एसएलआर बोगी होती थी, अब इसे घटाकर एक कर दिया गया है। इसके स्थान पर एक पावरकार जोड़ी जाएगी, जिससे ट्रेन की बिजली आपूर्ति प्रणाली और अधिक आधुनिक और मजबूत बनेगी।
बिजली व्यवस्था होगी आधुनिक
नई व्यवस्था के तहत अब ट्रेन में बिजली की आपूर्ति डायनेमो के बजाय जेनरेटर से होगी। इसमें 500 केवीए के दो जेनरेटर लगाए जाएंगे, जो कोचों में लगे एसी, लाइट, पंखे और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ट्रेन की गति धीमी होने या रुकने पर भी बिजली की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यात्रियों के लिए सुविधाएं बरकरार
कोच संरचना की बात करें तो इसमें पहले की तरह 11 जनरल कोच, दो स्लीपर कोच और दो थर्ड एसी कोच शामिल रहेंगे। यात्रियों को बैठने और सफर करने में कोई कमी नहीं होगी, बल्कि सुविधा और आराम का स्तर और बेहतर हो जाएगा।

LHB कोच के फायदे
एलएचबी कोच के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं। ये कोच जर्मन तकनीक पर आधारित होते हैं और पारंपरिक आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। इनमें एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन होता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं और जान-माल की क्षति कम होती है। इसके अलावा, इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण झटके कम लगते हैं, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलता है।
समयपालन क्षमता भी होगी बेहतर
एलएचबी कोच की अधिकतम गति 120 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है, जिससे ट्रेन की समयपालन क्षमता भी बेहतर होती है। साथ ही इन कोचों में शोर कम होता है और साफ-सफाई बनाए रखना भी आसान होता है।




