समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज में इंटर्नशिप काउंसलिंग व ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू

समस्तीपुर : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के निर्देशानुसार समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज में तीन दिवसीय इंटर्नशिप काउंसलिंग एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने की, जबकि संचालन इंटर्नशिप नोडल पदाधिकारी प्रो. फरहत जबीं ने किया। यह कार्यक्रम 6 मई से 8 मई तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने छात्राओं को इंटर्नशिप के महत्व, उसकी रूपरेखा एवं नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत इसकी अनिवार्यता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेमेस्टर-5 में इंटर्नशिप 4 क्रेडिट के अनिवार्य विषय के रूप में शामिल है, जिसे प्रत्येक छात्रा को करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के माध्यम से छात्राओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनका कौशल विकास होगा और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
प्रधानाचार्य ने कहा कि छात्राएं अपनी रुचि एवं विषय की प्रासंगिकता के अनुसार ऑफलाइन, ऑनलाइन अथवा स्वयं पोर्टल के माध्यम से इंटर्नशिप प्रोवाइडिंग एजेंसी (IPO) का चयन कर सकती हैं। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की चर्चा करते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा एवं इंटर्नशिप देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इंटर्नशिप नोडल पदाधिकारी प्रो. फरहत जबीं ने छात्राओं को इंटर्नशिप की कार्यप्रणाली, अवधि एवं विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती प्रदान करेगा और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को और प्रभावी बनाएगा।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने छात्राओं को इंटर्नशिप के लिए विषय चयन की प्रक्रिया से अवगत कराया। वहीं इतिहास विभाग के शिक्षक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश साह ने इंटर्नशिप की उपयोगिता, अनिवार्यता एवं दैनिक जीवन में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रंजन कुमार ने समाज निर्माण में इंटर्नशिप की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर डॉ. नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. संगीता, डॉ. शालिनी, डॉ. पर्णम शर्मा, डॉ. मधुलिका मिश्रा, डॉ. कविता वर्मा, डॉ. कुमारी अनु एवं डॉ. सुनीता कुमारी सहित कई शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम में इतिहास, अर्थशास्त्र, उर्दू, दर्शनशास्त्र, मैथिली, गणित, संस्कृत एवं अंग्रेजी विभाग की छात्राओं ने भाग लिया।




